home loan rate may cut in upcoming time - Jansatta
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नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव नहीं होने से सरकार नाराज, लेकिन मकान कर्ज सस्ता होने की उम्मीद

मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम ने खुलकर नाराजगी जताते हुए कहा ‘खुदरा मुद्रास्फीति अब तक लक्ष्य से काफी कम है।

Author मुंबई | June 8, 2017 1:29 AM
भारतीय रिजर्व बैंक।

रिजर्व बैंक के कदम से मकान के लिए कर्ज सस्ता हो सकता है। केंद्रीय बैंक ने व्यक्तिगत आवास कर्ज पर मानक संपत्ति प्रावधान घटाकर 0.25 फीसद कर दिया है। साथ ही, ऐसे कर्ज पर जोखिम भारांश को भी कम किया है। इससे बैंकों में पूंजी बढ़ेगी और वे ज्यादा कर्ज जारी कर सकेंगे।  दूसरी ओर, रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे सरकार नाराज है। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा आर्थिक हालात में ब्याज दरों में बड़ी नरमी करने का इस समय अच्छा मौका था। मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यम ने खुलकर नाराजगी जताते हुए कहा ‘खुदरा मुद्रास्फीति अब तक लक्ष्य से काफी कम है। रिजर्व बैंक के मुद्रास्फीति के अनुमान में चूक रही है।’रिजर्व बैंक ने नीतिगत ब्याज दर में कमी न करने के बावजूद कुछ श्रेणी के आवास ऋणों के लिए जोखिम के प्रावधान में कमी की है। इससे 30 लाख रुपए से 75 लाख रुपए तक के आवास ऋण के सस्ते होने की उम्मीद है। रिजर्व बैंक ने एसएलआर के प्रावधान को भी कम किया है, जिससे बैंकों को सरकारी प्रतिभूतियों में पैसा कम रखना पड़ेगा और उनके पास कर्ज के लिए अधिक धन उपलब्ध रहेगा। रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) बाकी पेज 10 पर

ने दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में कहा, ‘उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए व्यक्तिगत आवास ऋण के मामले में ऋण-मूल्य अनुपात (एलटीवी), जोखिम भारांश तथा मानक संपत्ति प्रावधान दर की आज से समीक्षा की गई है।’ एलटीवी से आशय कर्ज का खरीदी गई संपत्ति के मूल्य के अनुपात से है।
केंद्रीय बैंक के अनुसार 75 लाख रुपए से अधिक के व्यक्तिगत आवास ऋण के लिए जोखिम भारांश 75 फीसद से घटाकर 50 फीसद किया गया है। साथ ही 30 लाख रुपए से 75 लाख रुपए के बीच के कर्ज के लिए 35 फीसद जोखिम भारांश के साथ 80 फीसद एकल एलटीवी अनुपात स्लैब पेश किया गया है। मानक संपत्ति प्रावधान या प्रत्येक कर्ज के एवज में अलग रखी जाने वाली राशि को 0.40 फीसद से घटाकर 0.25 फीसद किया गया है। इससे आवास ऋण पर ब्याज दर में कमी लाने में मदद मिलेगी। कुछ श्रेणी के कर्ज के लिए जोखिम भारांश को कम किया गया है। इससे बैंकों को पूंजी पर्याप्तता में मदद मिलेगी और वे अधिक कर्ज दे सकेंगे। रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने इस बारे में कहा कि यह आर्थिक वृद्धि को गति देने के केंद्रीय बैंक तथा सरकार के ‘लक्षित हस्तक्षेप’ के प्रयास का हिस्सा है।

रिजर्व बैंक ने लगातार चौथी बार रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया और इसे 6.25 फीसद पर कायम रखा। वहींं रिवर्स रेपो को छह फीसद पर बरकरार रखा है। हालांकि, उसने बैंकों की कर्ज देने की क्षमता बढ़ाने को लेकर सांविधिक तरलता अनुपात (एसएलआर) में 0.5 फीसद की कटौती की। केंद्रीय बैंक ने कृषि ऋण माफी के कारण राजकोषीय स्थिति में गिरावट आने की आशंका को लेकर चिंता जताई। यह एमपीसी की पहली बैठक थी, जिसमें रवींद्र एच ढोलकिया ने विरोध का नोट दिया। इसके अलावा एमपीसी ने वित्त मंत्रालय के अधिकारियों से मिलने से भी इनकार कर दिया। छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने नीतिगत समीक्षा से पहले वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करने से सर्वसम्मति से इनकार कर दिया। उर्जित पटेल ने कहा, ‘बैठक नहीं हुई। सभी एमपीसी सदस्यों ने वित्त मंत्रालय का बैठक संबंधी अनुरोध ठुकरा दिया।’

 

 

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