hdfc bank increase interest rate for home loan car loan personal loan know here how its effect you: whats is repo rate and reverse repo rate - HDFC बैंक वालों की बढ़ गई होम और कार लोन की किस्त, जानिए कितनी हो जाएगी EMI - Jansatta
ताज़ा खबर
 

HDFC बैंक वालों की बढ़ गई होम और कार लोन की किस्त, जानिए कितनी हो जाएगी EMI

HDFC Bank Home loan EMI: महिलाओं द्वारा लिए गए 30 लाख रुपए तक के कर्ज पर ब्याज दर अब 8.70 प्रतिशत होगी जबकि तीस लाख रुपए से ऊपर के कर्ज पर दर 8.8 फीसदी होगी।

HDFC बैंक (हाउसिंग डेवलपमेंट एंड फाइनेंस कॉर्प) ने अपनी ब्याज दर में 0.20 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है। आरबीआई के नीतिगत दर में बढ़ोत्तरी के एक दिन बाद एचडीएफसी ने यह कदम उठाया है। देश के सबसे बड़े आवास ऋणदाता ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि एचडीएफसी ने अपनी खुदरा प्रधान उधारी दर (आरपीएलआर) में 20 बेसिस पॉइंट यानी 0.20 फीसदी की बढ़ोतरी की है। यह एक अगस्त से प्रभावी हो गई है। महिलाओं द्वारा लिए गए 30 लाख रुपए तक के कर्ज पर ब्याज दर अब 8.70 प्रतिशत होगी जबकि तीस लाख रुपए से ऊपर के कर्ज पर दर 8.8 फीसदी होगी। अन्य ग्राहकों के लिए दर .05 प्रतिशत अधिक होगी। रिजर्व बैंक ने द्वारा जारी द्विपक्षीय मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 6.50 प्रतिशत कर दिया गया है।

रेपो रेट बढ़ने पर ऐसे बढती है ब्याज दर: मान लीजिए आपने 50 लाख रुपए का लोन 25 साल के लिए ले लिया है और यह लोन 8.50 फीसदी की ब्याज दर पर है तो आपकी ईएमआई 38,446 रुपए की आ रही होगी। वहीं नई ब्याज दर के मुताबकि अब ब्याज दर 8.70 फीसदी हो गई है तो आपकी अब ईएमआई 39,157 रुपए हो जाएगी। मतलब कुल 711 रुपए महीने का अंतर आ जाएगा। इस तरह पूरे लोन पर कुल 2,55,960 रुपए का अंतर आ जाएगा।

क्या है रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट?: रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर रिजर्व बैंक अन्य बैंकों को लोन देता है। आगे बैंक उसी रकम से अपने ग्राहकों को लोन मुहैया कराते हैं। वहीं, रिवर्स रेपो वह दर होती है, जिस पर बैंकों को आरबीआई में जमा कराई गई रकम पर ब्याज मिलता है। आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट में भी बढ़ोतरी की है, जो कि 6.25 कर दी गई है।

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2019 में जीडीपी ग्रोथ अनुमान को 7.4 फीसदी पर बरकरार रखा है। आरबीआई के मुताबिक अप्रैल-सितंबर में जीडीपी ग्रोथ 7.5-7.6 फीसदी रहने का अनुमान है। वहीं, जुलाई-सितंबर के बीच महंगाई दर 4.2 फीसदी रहने का अनुमान है। अक्टूबर-मार्च के बीच महंगाई दर 4.8 फीसदी रहने का अनुमान है। मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की अगली बैठक 3-5 अक्टूबर को होगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App