देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक एचडीएफसी के कार्यकारी चेयरनमैन अतनु चक्रवर्ती ने चेयरमेन पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बैंक के कामकाज करने के तरीके पर सवाल भी उठाए हैं। अतनु के इस्तीफे के बाद केके मिस्त्री को तीन महीने के लिए ‘अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन’ नियुक्त किया गया है।
अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे का कारण भी बताया है। उन्होंने इस बड़े फैसले के पीछे नैतिक मूल्यों का हवाला दिया है। उनके मुताबिक पिछले दो साल से बैंक के अंदर कुछ ऐसे काम हो रहे थे जो उनकी पर्सनल वैल्यू और एथिक्स के साथ फिट नहीं बैठ रहे थे। इसी वजह से उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफे का असर बाजार पर भी दिखा है। बैंक के अमेरिकी शेयरों में करीब 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। चक्रवर्ती के कार्यकाल की बात करें तो वे 2021 में बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे। उन्हीं के कार्यकाल के दौरान बैंक और एचडीएफसी लिमिटेड का बड़ा मर्जर देखने को मिला। उस मर्जर के बाद एचडीएफसी दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया।
अतनु के इस्तीफे के बाद एचडीएफसी बैंक का भी पहला बयान आ गया है। जारी बयान में अतनु चक्रवर्ती के कार्यकाल के लिए उनका शुक्रिया अदा किया गया है। बैंक ने उनके योगदान की तारीफ की है। बैंक ने स्पष्ट कर दिया है कि इस्तीफे के पीछे कोई दूसरा कारण नहीं है, सिर्फ वही वजह है जो पत्र में बताई गई है। बैंक ने इस बात पर भी जोर दिया है कि चक्रवर्ती किसी दूसरी कंपनी में डायरेक्टर पद पर नहीं हैं।
