घर में है इससे अधिक सोना तो पड़ सकती है इनकम टैक्स की रेड, पढ़ें क्या कहता है नियम

आप घर में एक सीमा तक बिना परेशानी के सोना रख सकते हैं, लेकिन इससे अधिक सोना रखने पर आपके पास उसका स्रोत बताने के दस्तावेज होने चाहिए। स्रोत नहीं बताने पर उसे जब्त किया जा सकता है।

Gold Holding Limit
घर में एक सीमा से अधिक सोना रखना मुश्किल पैदा कर सकता है। (Express Photo by Amit Chakravarty)

भारत में सोना (Gold) पुराने जमाने से लोगों की पसंद रहा है। महत्वपूर्ण मौकों पर लोग न सिर्फ उपहार के रूप में सोना या सोना के गहने देना पसंद करते हैं, बल्कि आज के समय में यह निवेश का भी महत्वपूर्ण साधन बनकर उभरा है। कई लोग काला धन छिपाने के लिए सोना में निवेश करते हैं। इसे देखते हुए घर में सोना रखने को लेकर सरकार ने नियमों को कड़ा कर दिया है। एक सीमा से अधिक सोना घर में रखना (Gold Holding), इनकम टैक्स की रेड (IT Raid) को दावत देने जैसा हो सकता है।

निवेश के स्रोत के लिए दस्तावेज जरूरी

आप कभी सोना खरीद रहे हैं तो उसकी रसीद रखना जरूरी है। यह सोना गहने के रूप में भी हो सकता है या सिक्का व बिस्कुट के रूप में भी। अगर आपके पास सोना खरीदने के लिए आए पैसे के स्रोत बताने के दस्तावेज हैं तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। यदि आप स्रोत को सही से साबित कर सकते हैं तो आप कितना भी सोना रख सकते हैं। दिक्कत तब आती है, जब आपने अपने पास मौजूद सोना पर टैक्स नहीं दिया हो। अगर आपने सोना खरीदते समय टैक्स नहीं दिया है या आप उसका स्रोत नहीं बता पाए, तब इनकम टैक्स विभाग उसे जब्त कर लेगा।

घर में कितना सोना रखना कानूनन ठीक

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने सोने की स्वीकृत मात्रा के बारे में स्पष्ट निर्देश जारी किया है। यदि आपके पास इस तय लिमिट में सोना है तो इसे जब्त नहीं किया जा सकता है। उदाहरण के लिए एक शादीशुदा महिला आधा किलो तक सोना घर में रख सकती है। अविवाहित महिला के लिए 250 ग्राम तक सोना स्वीकार्य है। एक पुरुष 100 ग्राम तक सोना रख सकता है। आप इस सीमा के अंदर सोना घर में भी रख सकते हैं, पहन भी सकते हैं और बिना रोक-टोक के कहीं ले जा सकते हैं।

इस सीमा से सोना अधिक होने पर दिक्कतें शुरू होती हैं। मात्रा हल्का-फुल्का अधिक होने पर भी बात बिगड़ने से बच सकती है। हालांकि यह पूरी तरह से आयकर अधिकारी के स्वविवेक पर निर्भर करता है। आयकर अधिकारी परिवार की परंपरा आदि को ध्यान में रखते हुए इस तय मात्रा से कुछ अधिक सोना को नजरअंदाज कर सकता है।

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कौन से दस्तावेज हैं जरूरी

यदि आपने सोना में निवेश किया है तो इसके सबूत की जरूरत आईटीआर भरने में भी होगी। आम तौर पर निवेश करते समय टैक्स का भुगतान हो जाता है। अब सवाल उठता है कि यदि सोना खानदानी है या किसी ने आपको गिफ्ट दिया है, तब कैसे सबूत की जरूरत होगी। खानदानी सोना होने की स्थिति में यदि आपके पास पहले मालिक के मालिकाना हक को साबित करने वाला कोई कागजात है तो दिक्कत की कोई बात नहीं है। फैमिली सेटलमेंट डीड या गिफ्ट डीड से भी आपका बचाव हो सकता है। यदि इनमें से कुछ नहीं है तो आयकर अधिकारी आपके परिवार की हैसियत के आधार पर निर्णय लेगा।

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