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Happiest Minds के संस्थापक अशोक सूता रहे हैं अजीम प्रेमजी के प्रशंसक, 1999 में छो़ड़ा था साथ

अशोक सूता बताते हैं कि अजीम प्रेमजी हमेशा काम को लेकर बेहद गंभीर रहे हैं। यहां तक कि उन्होंने जिन लोगों को नौकरी के लिए रेफरेंस दिया था, उन सभी से अजीम प्रेमजी ने निजी तौर पर मुलाकात की थी।

ashok sootaHappiest Minds के फाउंडर अशोक सूता

आईटी कंपनी Happiest Minds के आईपीओ को मार्केट में जबरदस्त रेस्पॉन्स मिला है और इसके चलते 77 वर्षीय अशोक सूता भी लगातार चर्चा में बने हुए हैं। अशोक सूता कंपनी के एग्जीक्युटिव चेयरमैन और फाउंडर हैं। अशोक सूता ऐसे दौर में बिजनेस में छाए हैं, जब लोग रिटायरमेंट का सपना देखते हैं। बेहद ऊर्जावान रहने वाले अशोक सूता एक दौर में दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो से जुड़े हुए थे और 1999 में इस्तीफा दिया था। हालांकि अब भी वह विप्रो के चेयरमैन रहे अजीम प्रेमजी के प्रशंसक हैं। उनकी टीम का हिस्सा रहे अशोक सूता बताते हैं कि अजीम प्रेमजी से उन्हें काफी सीखने को मिला है। सूता कहते हैं कि अजीम प्रेमजी की सबसे बड़ी ताकत वे लोग रहे हैं, जिन्हें उन्होंने चुना है।

बीते साल इकनॉमिक टाइम्स से बातचीत में सूता ने कहा था कि अजीम प्रेमजी की सबसे बड़ी ताकत उनके चुने हुए लोग हैं। इसके अलावा वह उन लोगों को काम करने के लिए काफी छूट देते हैं, जो उन्हें रिपोर्ट करते हैं। 1984 में विप्रो जॉइन करने और 15 साल तक उसका हिस्सा रहने वाले सूता ने अपने इंटरव्यू के दिन को याद करते हुए कहा था कि अजीम प्रेमजी ने आईटी बिजनेस के प्रेसिडेंट के तौर पर मेरा इंटरव्यू लिया था। हमारी बातचीत कई दिनों तक चली थी, लेकिन मेरी उनके साथ काम करने में रुचि तब बढ़ी, जब मैंने देखा कि उन्होंने काफी डिटेल में मुझसे बात की है। दरअसल अजीम प्रेमजी जानते थे कि वह अपने आईटी बिजनेस के लिहाज से कितना बड़ा फैसला ले रहे हैं।

अशोक सूता बताते हैं कि अजीम प्रेमजी हमेशा काम को लेकर बेहद गंभीर रहे हैं। यहां तक कि उन्होंने जिन लोगों को नौकरी के लिए रेफरेंस दिया था, उन सभी से अजीम प्रेमजी ने निजी तौर पर मुलाकात की थी। यही नहीं अजीम प्रेमजी के बिजनेस मॉडल की भी वह सराहना करते हैं। सूता कहते हैं कि अजीम प्रेमजी हमेशा बेवजह के खर्चों के खिलाफ रहे हैं, चाहे वह होटल का खर्च हो या फिर बिजली का खर्च। वह कॉस्ट कटिंग के रास्ते अकसर निकाल लेते हैं और यह उनके सफल बिजनेस का तरीका है।

अजीम प्रेमजी की दानवीरता की सराहना करते हुए सूता ने कहा था कि वह हमेशा ही मानवीय पहलुओं पर फोकस करते रहे हैं। यहां तक कि जब उन्होंने सामाजिक तौर पर कुछ करने का विचार किया तो उन्होंने एजुकेशन सेक्टर को चुनने का फैसला लिया। अशोक सूता अजीम प्रेमजी के बेटे रिशद को लेकर कहते हैं कि वह बेहद टेलेंटेड हैं और आईटी इंडस्ट्री के बारे में जानते हैं। अजीम प्रेमजी ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर सही व्यक्ति को जिम्मेदारी दी है।

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