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शक्तिकांत दास बोले, 1 जुलाई से सभी राज्यों में लागू होगा जीएसटी

जीएसटी के क्षतिपूर्ति विधेयक मसौदे को पहले ही 18 फरवरी को जीएसटी परिषद से मंजूरी मिल चुकी है।

Author नई दिल्ली | February 28, 2017 3:53 PM
आर्थिक मामलों के वित्त सचिव शक्तिकांत दास (पीटीआई फाइल फोटो)

आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने मंगलवार (28 फरवरी) को कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सभी राज्यों में एक जुलाई से लागू होगा। दास ने संवाददाताओं से कहा, “जीएसटी एक जुलाई को लागू होगी। सभी राज्यों ने इस तारीख पर सहमति जताई है।” सरकार की योजना बजट सत्र के दूसरे भाग के लिए संसद की कार्यवाही नौ मार्च को शुरू होने से पहले जीएसटी परिषद की चार-पांच मार्च को होने वाली बैठक में आईजीएसटी (समेकित जीएसटी), सीजीएसटी (केंद्रीय जीएसटी) और एसजीएसटी (राज्य जीएसटी) मसौदों को मंजूरी दिलाने की है।

जीएसटी के क्षतिपूर्ति विधेयक मसौदे को पहले ही 18 फरवरी को जीएसटी परिषद से मंजूरी मिल चुकी है। जीएसटी परिषद से मंजूरी मिलने के बाद इन मसौदा विधेयकों को संसद से भी मंजूरी मिलना जरूरी है। इस संदर्भ में अन्य कदम सभी कमोडिटीज को जीएसटी स्लैब के तहत निर्धारित करना है, जो पांच प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत हैं। प्रत्येक कमोडिटी को एक विशेष दर के तहत लाना होगा। जीएसटी अधिकारी परिषद की चार-पांच मार्च की बैठक के बाद इनका निर्धारण करेंगे।

जीएसटी लागू होने से भारत की आर्थिक वृद्धि दर 8% से अधिक हो सकती है: आईएमएफ

भारत में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने से उसकी जीडीपी वृद्धि मध्यम अवधि में आठ प्रतिशत से अधिक हो सकती है। साथ ही वस्तुओं एवं सेवाओं की आवाजाही की बेहतर तरीके से करने के लिये एकल राष्ट्रीय बाजार सृजित करने में मदद मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने बुधवार (22 फरवरी) को कहा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने जीएसटी क्रियान्वित करने को लेकर चिंता भी जतायी है। आईएमएफ ने भारत पर अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा गया है, ‘हालांकि जीएसटी की रूपरेखा और उसके क्रियान्वयन की गति के इर्द-गिर्द कुछ अनिश्चितताएं बनी हुई है। इसे अपनाये जाने से भारत की जीडीपी वृद्धि दर मध्यम अवधि में आठ प्रतिशत से अधिक पहुंचाने में मदद मिलेगी क्योंकि यह एकल राष्ट्रीय बाजार सृजित करेगा और वस्तुओं एवं सेवाओं की देश में आवाजाही बेहतर होगी।’

मुद्राकोष ने कहा कि जीएसटी से उम्मीद की तुलना में अधिक लाभ होगा तथा आगे और संरचनात्मक सुधारों से वृद्धि को मजबूती मिलेगी। साथ ही सतत अवधि में लगातार वैश्विक ऊर्जा की कीमतें नरम रहने से भारत को लाभ होगा। रिपोर्ट के अनुसार भारत का कर राजस्व-जीडीपी अनुपात (17.5 प्रतिशत) अन्य उभरते बाजारों की तुलना में कम है। जीएसटी के वृद्धि पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए प्राथमिक आधार पर इसका क्रियान्वयन होना चाहिए। इसमें कहा गया है कि जीएसटी से मौजूदा अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही कर सुधार जारी रहेगा जिसमें कंपनी कर की दर चरणबद्ध तरीके से चार साल में 30 प्रतिशत से 25 प्रतिशत पर लाया जाएगा। जीएसटी ज्यादातर मौजूदा अप्रत्यक्ष कर को समाहित करेगा जिसमें उत्पाद शुल्क, बिक्री और सेवा कर शामिल हैं जिससे चीजें आसान होंगी। भारत सरकार एक जुलाई से जीएसटी लागू करने की उम्मीद कर रही है।

 

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