कोरोना के बीच नवंबर में GST कलेक्शन 1.31 लाख करोड़ रुपये, लागू होने के बाद से दूसरा सर्वाधिक संग्रह

अक्टूबर 2021 में, जीएसटी संग्रह 1,30,127 करोड़ रुपये था, जबकि अप्रैल 2021 में यह 1.41 लाख करोड़ रुपये से अधिक था।

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2021 के नवंबर महीने के लिए जीएसटी राजस्व नवंबर 2020 की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है, और नवंबर 2019 की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक है। (क्रिएटिवः Freepik/Canva/अभिषेक गुप्ता)

माल और सेवा कर (जीएसटी) का संग्रह नवंबर में बढ़कर 1.31 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया, जो जुलाई 2017 में इसके लागू होने के बाद से दूसरा सबसे अधिक संग्रह है। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नवंबर महीने में एकत्रित कुल जीएसटी राजस्व 1,31,526 करोड़ रुपये है, जिसमें सीजीएसटी 23,978 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 31,127 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 66,815 करोड़ रुपये (माल के आयात पर एकत्रित 32,165 करोड़ रुपये सहित) और उपकर 9,606 करोड़ रुपये (माल के आयात पर एकत्रित 653 करोड़ रुपये सहित) है।

सीजीएसटी का मतलब केंद्रीय माल और सेवा कर है। एसजीएसटी का अर्थ राज्य माल और सेवा कर है जबकि आईजीएसटी का मतलब एकीकृत माल और सेवा कर है। 2021 के नवंबर महीने के लिए जीएसटी राजस्व नवंबर 2020 की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है, और नवंबर 2019 की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘ नवंबर 2021 के लिए जीएसटी राजस्व जीएसटी की शुरुआत के बाद से दूसरा सबसे अधिक है। यह पिछले महीने के संग्रह से अधिक है। यह आर्थिक सुधार की प्रवृत्ति के अनुरूप है।’’ अक्टूबर 2021 में, जीएसटी संग्रह 1,30,127 करोड़ रुपये था, जबकि अप्रैल 2021 में यह 1.41 लाख करोड़ रुपये से अधिक था।

उच्च जीएसटी राजस्व की हालिया प्रवृत्ति विभिन्न नीति और प्रशासनिक उपायों का परिणाम है जो अतीत में अनुपालन में सुधार के लिए उठाए गए हैं। पिछले एक साल में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 8.4 प्रतिशतः इससे पहले, देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही में 8.4 प्रतिशत रही। इसके साथ ही वृद्धि दर कोविड-पूर्व स्तर को पार कर गयी है। उम्मीद से बेहतर वृद्धि दर के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था इस साल प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज वृद्धि हासिल करने के रास्ते पर है। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जुलाई-सितंबर तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर पहली तिमाही की 20.1 प्रतिशत वृद्धि दर की तुलना में धीमी पड़ी है। हालांकि यह पिछले साल की समान अवधि में दर्ज 7.4 प्रतिशत की गिरावट के मुकाबले बेहतर ही है।

सख्त लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित अप्रैल-जून 2020 में आर्थिक वृद्धि दर में 24.4 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आयी थी। यही कारण है कि निम्न तुलनात्मक आधार होने से चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जोरदार वृद्धि दर्ज की गयी थी। इस साल अप्रैल के मध्य में महामारी की दूसरी लहर के बाद से आर्थिक गतिविधियों के पटरी पर लौटने के साथ यह लगातार चौथी तिमाही है जब वृद्धि दर सकारात्मक रही है। वहीं पिछले वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में आर्थिक वृद्धि दर नकारात्मक रही थी। महामारी के प्रभाव कम होने तथा टीकाकरण में तेजी के बीच वित्त वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही का जीडीपी का आंकड़ा निजी खपत व्यय में बेहतर सुधार को बताता है।

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