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‘जीएसटी के जुलाई तक लागू होने की संभावना, उद्योग को समय की जरूरत’

मंत्री जेटली ने कहा था कि जीएसटी क्रियान्वित करने से पहले अभी कुछ मुद्दे बचे हुए हैं और नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एक अप्रैल से 16 सितंबर 2017 के बीच लागू होने की संभावना है।

Author नई दिल्ली | December 18, 2016 16:57 pm
1 जुलाई, 2017 से देश में जीएसटी लागू कर दिया गया है। (Photo-financialexpres)

करदाताओं पर अधिकार क्षेत्र को लेकर जीएसटी परिषद में गतिरोध बने रहने के साथ वस्तु एवं सेवा कर एक जुलाई से लागू हो सकता है क्योंकि उद्योग को स्वयं को तैयार करने के लिये समय की जरूरत होगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली परिषद ने अब अपनी छह बैठकों में 10 मुद्दों पर आम सहमति से फैसला किया है जबकि तीन और मुद्दे….दोहरा नियंत्रण, कर के दायरे में आने वाले जिंसों की सूची तथा सीजएसटी एवं आईजीएसटी मॉडल कानून….अभी लंबित है। पीडब्ल्यूसी इंडिया के कार्यकारी निदेशक सुमित लुंकेर ने कहा कि एक अप्रैल से जीएसटी लागू करने की समयसीमा चुनौतीपूर्ण लग रही है क्योंकि सीजीएसटी और आईजीएसटी कानून फरवरी की शुरुआत में बजट सत्र में पारित हो सकता है। उसके बाद राज्यों को अपने-अपने विधानसभाओं में एसजीएसटी पारित कराना होगा। उन्होंने कहा, ‘कानून के पारित होने के बाद उद्योग को जीएसटी के लिये तैयार होने को लेकर खासकर आईटी बुनियादी ढांचा के मोर्चे पर कम-से-कम 3-4 महीने समय की जरूरत होगी….इसके क्रियान्वयन के लिये एक जुलाई का समय व्यावहारिक जान पड़ता है।’

नानगिया एंड कंपनी निदेशक (अप्रत्यक्ष कराधान) रजत मोहन ने कहा कि जीएसटी के क्रियान्वयन के लिये एक जुलाई बेहतर है क्योंकि उद्योग को नई कराधान व्यवस्था की ओर जाने में समय चाहिए। बीएमआर एंड एसोसिएट्स एलएलपी के भागीदारी महेश जयसिंह ने कहा कि एक अप्रैल की समयसीमा का पालन करने के लिये काफी काम किये जाने की जरूरत है। ‘वास्तविक समयसीमा एक जुलाई लगती है। आज की तारीख में सेवा क्षेत्र में कानून की व्याख्या को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति है और उसे सरकार से स्पष्टता का इंतजार है।’ वित्त मंत्री जेटली ने पिछले सप्ताह कहा था कि जीएसटी क्रियान्वित करने से पहले अभी कुछ मुद्दे बचे हुए हैं और नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था एक अप्रैल से 16 सितंबर 2017 के बीच लागू होने की संभावना है।

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