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227 नहीं सिर्फ 50 वस्तुओं पर देना होगा 28% GST, फैसले से सालाना 20,000 करोड़ रुपए का होगा घाटा

दरें तय करने वाली (फिटमैंट) समिति ने 28 प्रतिशत के स्लैब में आने वाली वस्तुओं की संख्या को घटाकर 62 करने की सिफारिश की थी जबकि परिषद ने इसमें वस्तुओं की संख्या को घटाकर 50 कर दिया है।

Author Published on: November 10, 2017 5:27 PM
गुवाहाटी में हुई जीएसटी परिषद में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली। (Photo Source: PTI)

जीएसटी परिषद ने चोकलेट से लेकर डिटर्जेंट तक आम इस्तेमाल वाली 177 वस्तुओं पर कर दर को मौजूदा 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का फैसला किया है। बिहार के उप -मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यह जानकारी दी। सुशील मोदी ने मीडिया को बताया कि परिषद ने 28 प्रतिशत के सर्वाधिक कर दर वाले स्लैब में वस्तुओं की संख्या को घटाकर सिर्फ 50 कर दिया है जो कि पहले 227 थी। जीएसटी परिषद ने गुवाहाटी में अपनी 23वीं बैठक में 177 वस्तुओं पर कर दर में कटौती कर दी। गौरतलब है कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्य व्यापक खपत वाली वस्तुओं को 28 प्रतिशत कर दायरे में रखने का विरोध कर रहे थे। जीएसटी दर के इस स्लैब में ज्यादातर लग्जरी व अहितकर वस्तुओं को रखा गया है।

दरें तय करने वाली (फिटमैंट) समिति ने 28 प्रतिशत के स्लैब में आने वाली वस्तुओं की संख्या को घटाकर 62 करने की सिफारिश की थी जबकि परिषद ने इसमें वस्तुओं की संख्या को घटाकर 50 कर दिया है। देश में नयी माल व सेवाकर (जीएसटी) प्रणाली का कार्यान्वयन एक जुलाई से किया गया है। इसमें पांच कर स्लैब 0 प्रतिशत, पांच प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत व 28 प्रतिशत रखे गये हैं। बता दें, जीएसटी की तकनीक संबंधी गतिविधियों को मॉनिटर करने के लिए एक ग्रुप बनाया गया था। इस ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स में 5 सदस्य हैं, जिसके प्रमुख सुशील कुमार मोदी हैं।

सुशील मोदी ने कहा, ‘28 प्रतिशत कर स्लैब में 227 वस्तुएं थी। फिटमैंट समिति ने इसमें वस्तुओं की संख्या घटाकर 62 करने की सिफारिश की थी जबकि जीएसटी परिषद ने इससे भी आगे बढ़कर 12 और वस्तुओं को इसके दायरे से हटाने का फैसला किया है।’ उन्होंने कहा कि सभी तरह की च्युइंगम, चॉकलेट, फेशियल मैकअप तैयारी के सामान, शैविंग व शैविंग के बाद काम आने वाले सामान, शैंपू, डियोडोरेंट, कपड़े धोने के डिटरजेंट पाउडर व ग्रेनाइट व मार्बल पर अब 18 प्रतिशत दर से जीएसटी लगेगा। उन्होंने कहा-इस बात पर सहमति थी कि 28 प्रतिशत श्रेणी में केवल अहितकर व गैर जरूरी सामान ही होंगे।

साथ ही उन्होंने बताया, ‘इसलिए आज जीएसटी परिषद ने ऐतिहासिक फैसला किया कि 28 प्रतिशत जीएसटी दर में केवल 50 वस्तुएं ही होंगी। इस स्लैब से हटाई गई बाकी वस्तुओं पर कर दर को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।’ रंग रोगन व सीमेंट को 28 प्रतिशत कर दायरे में ही रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘वाशिंग मशीनों व एयर कंडीशनर जैसे लग्जरी उत्पादों को 28 प्रतिशत जीएसटी दायरे में रखा गया है।’ उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद के आज के फैसले का राजस्व पर असर 20,000 करोड़ रुपये सालाना होगा। सुशील मोदी ने कहा, ‘इस बात पर सहमति थी कि 28 प्रतिशत स्लैब को धीरे धीरे 18 प्रतिशत पर लाया जाए। लेकिन इसमें समय लगेगा क्योंकि इससे सरकारी खजाने पर बड़ा असर होगा।

जानिए, क्या-क्या हुआ सस्ता?

साबुन
डिटरजेंट
हाथ घड़ी
ग्रेनाइट
मारबल
शैंपू
आफ्टर शेव
स्किन केयर
डियोड्रेंट
कैमरे
वॉलेट
शॉपिंग बैग
सूटकेस
च्युइंगम
चॉकलेट

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