ताज़ा खबर
 

5 साल से पहले नौकरी छोड़ने वालों का नहीं डूबेगा ग्रेच्युटी का पैसा, PF की तरह होगा ट्रांसफर

केंद्र सरकार ग्रेच्‍युटी का फायदा ज्यादा से ज्यादा लोगों को पहुंचाना चाहती है। इसे लेकर विभिन्न श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई है।

Author नई दिल्ली | Updated: March 4, 2017 12:43 PM
तस्‍वीर का इस्‍तेमाल केवल प्रस्‍तुतिकरण के लिए किया गया है।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार प्राइवेट और सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी कर रहा है। सरकार ग्रेच्युटी के नियमों में बदलाव पर विचार कर रही है। इस बदलाव के तहत 5 साल से पहले नौकरी छोड़ने पर कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का नुकसान नहीं होगा। यानी की प्रॉविडेंट फंड (PF) की तरह ही ग्रेच्युटी को भी ट्रांसफर किया जा सकेगा। इसके लिए सरकार हर कर्मचारी को एक यूनिक नंबर अलॉट करेगी। जिसके जरिए आप अपनी ग्रेच्युटी को ट्रांसफर कर पाएंगे।

मौजूदा नियमों के तहत कर्मचारी को ग्रेच्युटी के पैसे 5 साल की सर्विस पूरी करने पर ही मिलते हैं। अगर कोई कर्मचारी 5 साल से पहले नौकरी छोड़ देता है तो उसकी सीटीसी से कटा ग्रेच्युटी का पैसे उसे नहीं मिलता है। जिसके कारण उसे भारी नुकसान होता है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार चाहती है कि श्रम क्षेत्रों में ऐसा बदलाव किया जाए। जिसका कर्मचारियों को ज्यादा फायदा और कंपनियों पर बोझ भी न पड़े। अगर यह नियम बन जाता है तो इसका फायदा उन लोगों को मिलेगा जो जल्दी-जल्दी नौकरी बदलते हैं। इसके अलावा कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी कंपनियां एक कंपनी से दूसरी कंपनी में ट्रांसफर कर देती हैं जिससे कर्मचारियों को ग्रैच्यूटी का नुकसान होता है।

केंद्र सरकार ग्रेच्‍युटी का फायदा ज्यादा से ज्यादा लोगों को पहुंचाना चाहती है। इसे लेकर विभिन्न श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई है। श्रम मंत्रालय ग्रेच्‍युटी को यूनिक नंबर देकर ट्रांसफर करने के लायक बनाने पर भी चर्चा कर रही है। इसमें तीनों पक्षों- विभिन्न श्रम संगठनों, नियोक्ता और सरकार के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

गौरतलब है कि श्रम मंत्रालय की पिछली बैठक में प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों द्वारा नौकरी छोड़ने पर 10 लाख की जगह 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी देने पर सहमति बनी थी। केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने श्रम मंत्रालय के साथ त्रिपक्षीय विचार-विमर्श में इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति जताई है। सातवें वेतन आयोग ने ग्रेच्युटी की सीमा दस से बढ़ाकर बीस लाख करने की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार के साथ-साथ कई राज्य सरकारें भी इसे लागू कर चुकी हैं। अब इसे निजी क्षेत्र में भी लागू करने पर सहमति बनी है। श्रममंत्री बंडारू दत्तात्रेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया था।

वीडियो: मेट्रो स्मार्टकार्ड में बचे पैसे 1 अप्रैल से नहीं होंगे रिफंड

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 मोबाइल और आधार से जोड़े जाएंगे सभी सेविंग एकाउंट
2 अब एसबीआर्इ ने दिया ग्राहकों को झटका, मिनिमम बैलेंस नहीं रखा तो लेगा चार्ज
3 ‘भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का अमेरिकी अर्थव्यवस्था और नौकरियों में बड़ा योगदान’
जस्‍ट नाउ
X