GPF Interest Rate: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) और इससे जुड़े अन्य समान फंडों पर मिलने वाली ब्याज दर का ऐलान कर दिया है। सरकार ने इस तिमाही में ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे पिछली तिमाही यानी FY 2025-26 की चौथी तिमाही के स्तर पर ही बरकरार रखा है।

वित्त मंत्रालय के तहत आर्थिक मामलों के विभाग के बजट प्रभाग ने हाल ही में एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें बताया गया है कि जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) और अन्य इसी तरह के फंड के सब्सक्राइबर्स के खाते में जमा राशि पर अप्रैल से जून 2026 की अवधि के लिए 7.1 प्रतिशत की ब्याज दर लागू होगी।

वित्त वर्ष की प्रत्येक तिमाही की शुरुआत में सरकार छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर को संशोधित करती है और फिर GPF तथा अन्य योजनाओं के लिए दरों की घोषणा करती है।

इससे पहले डाकघर की छोटी बचत योजनाओं (जैसे पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), NSC आदि) के लिए ब्याज दर को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए स्थिर रखा गया था। यह अवधि 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होकर 30 जून, 2026 को समाप्त होगी। मौजूदा समय में पीपीएफ पर ब्याज दर 7.1% प्रति वर्ष है, जिस पर वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है।

जनरल प्रोविडेंट फंड क्या है?

जनरल प्रोविडेंट फंड केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए एक अनिवार्य बचत प्रणाली है, जो रिटायरमेंट के बाद उनकी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करती है। यह योजना केवल उन सरकारी कर्मचारियों के लिए खुली है जो केंद्र या राज्य सरकार के लिए स्थायी रूप से काम करते हैं।

हर महीने, कर्मचारी अपने वेतन का एक निश्चित हिस्सा (आमतौर पर 6%) अपने GPF खाते में जमा करते हैं। सरकार GPF पर ब्याज भी देती है, जिसकी दर हर तिमाही तय की जाती है।

अप्रैल से जून 2026 की अवधि के लिए 7.1 प्रतिशत की ब्याज दर, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।

ये ब्याज दर निम्नलिखित सभी फंडों जनरल प्रोविडेंट फंड (केंद्रीय सेवाएं), कंट्रीब्यूटरी प्रोविडेंट फंड (भारत), अखिल भारतीय सेवाएं प्रोविडेंट फंड, राज्य रेलवे प्रोविडेंट फंड, जनरल प्रोविडेंट फंड (रक्षा सेवाएं), भारतीय आयुध विभाग प्रोविडेंट फंड, भारतीय आयुध कारखाने कर्मचारी प्रोविडेंट फंड, भारतीय नौसेना डॉकयार्ड कर्मचारी प्रोविडेंट फंड, रक्षा सेवाएं अधिकारी प्रोविडेंट फंड और सशस्त्र बल कार्मिक प्रोविडेंट फंड पर लागू होगी।

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केंद्र सरकार के 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी और पेंशनभोगी जनवरी-जून 2026 साइकिल के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनका इंतजार अभी और लंबा हो गया है। उम्मीदों के बावजूद केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को हुई बैठक में इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया और फिलहाल DA को 58% पर ही बरकरार रखा गया है। यहां पढ़ें पूरी खबर…