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सरकार जीएसटी विधेयक पर एक बार फिर विपक्ष को राजी करने का प्रयास करेगी: वेंकैया

जीएसटी को लोकसभा में पिछले साल मई में पारित कर दिया गया था और यह राज्य सभा में अनुमोदन के लिए लंबित है जहां राजग का बहुमत नहीं है।

Author हैदराबाद | April 21, 2016 9:30 PM
केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू। (फाइल फोटो)

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक को आज की जरूरत करार देते हुए केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सरकार एक बार फिर विपक्ष को राजी करने की कोशिश करेगी ताकि 25 अप्रैल से शुरू हो रहे बजट सत्र के दूसरे चरण में विधेयक को पारित किया जा सके। संसदीय मामलों के मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हां, जीएसटी पर हमने ज्यादातर पार्टियों के साथ बातचीत पूरी कर ली है। दो-एक मुद्दे हैं और उन पर भी हम विपक्ष को राजी करने का प्रयास करेंगे। हम चाहते हैं कि यह पारित हो जाए क्योंकि जीएसटी आज की जरूरत है।’’

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने महत्वपूर्ण जीएसटी विधेयक से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए विपक्ष से संपर्क नहीं किया। इस पर नायडू ने कहा, ‘‘हम कांग्रेस से बात कर रहे हैं और हम उनसे आखिर में विधेयक को सूचीबद्ध करने के पहले भी बात करेंगे … मैं आशावादी हूं (जीएसटी विधेयक को इस सत्र में पारित कर लिया जाएगा)।’’

बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत 25 अप्रैल से होगी और यह 13 मई तक चलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘लोकसभा में कार्यक्रम के मुताबिक 13 विधेयकों पर चर्चा की जाएगी और हम जीएसटी पर भी चर्चा की योजना बना रहे हैं। हम अन्य दलों के साथ जीएसटी पर बात कर रहे हैं।’’

जीएसटी विधेयक के तहत केन्द्र और राज्यों के अप्रत्यक्ष करों के लिये एक समान कर व्यवस्था की जाएगी। जीएसटी को लोकसभा में पिछले साल मई में पारित कर दिया गया था और यह राज्य सभा में अनुमोदन के लिए लंबित है जहां राजग का बहुमत नहीं है। नायडू ने कहा कि इस सत्र के दौरान संसद में मुख्य तौर पर वित्तीय मामलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। जिसमें लोकसभा में मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा तथा मतदान और राज्य सभा में चुनिंदा मंत्रालयों पर चर्चा शामिल है।

उन्होंने कहा कि रेलवे विनियोग विधेयक, आम बजट और वित्त विधेयक भी चर्चा होगी। नायडू ने कहा कि लोक सभा में पूर्वोत्तर क्षेत्र, आवास एवं शहरी विकास तथा गरीबी उन्मूलन, कौशल विकास, सामाजिक न्याय, नागर विमानन और पर्यटन मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर भी चर्चा होगी जबकि राज्य सभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मानव संसाधन विकास, वित्त, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम और विदेश मंत्रालय (यदि समय मिला तो) की मांगों पर चर्चा होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘बजट पेश हो चुका और इसे स्थाई समितियों के पास भेज दिया गया है। समितियों ने रपट तैयार की है और वे इन्हें संसद में पेश करेंगी। स्थायी समितियों की रपट के आधार पर चर्चा होगी।’’ मंत्री ने कहा कि संसद में दो अध्यादेश की जगह लेने के लिए विधेयक भी आगे बढ़ाया जाएगा और ये हैं – उत्तराखंड विनियोग (लेखानुदान) अध्यादेश, 2016 और शत्रु संपत्ति (संशोधन एवं वैधता) संबंधी दूसरा अध्यादेश 2016.. उन्होंने कहा कि दोनों अध्यादेश जारी हो चुके हैं और अब इनपर संसद से मंजूरी मिलनी बाकी है। राज्य सभा विनियोग कानून विधेयकों, भंडाफोड़ करने वाले की सुरक्षा, उद्योग नियमन, खान एवं खनन, बाम श्रम प्रतिबंध और अपहरण-विरोधी (एंटी-हाइजैकिंग) कानून शामिल है।

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