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किसानों की तरक्की चाहती है सरकार: मोदी

नए भूमि अधिग्रहण विधेयक पर आलोचनाओं का सामना कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि किसानों के फायदे के लिए भूमि संबंधी रिकॉर्ड में सुधार किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर यह झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार किसानों के हितों के विरुद्ध काम कर रही है। मोदी ने यहां […]

Author April 4, 2015 8:42 AM
मोदी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग झूठ फैला रहे हैं, वे जानते नहीं हैं कि किसानों के हितों का संरक्षण कैसे किया जाए। (फ़ोटो-पीटीआई)

नए भूमि अधिग्रहण विधेयक पर आलोचनाओं का सामना कर रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि किसानों के फायदे के लिए भूमि संबंधी रिकॉर्ड में सुधार किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर यह झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार किसानों के हितों के विरुद्ध काम कर रही है। मोदी ने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार किसानों को सशक्त करने के लिए काम कर रही है क्योंकि वह मानती है कि जब तक गांवों का विकास नहीं होगा, देश प्रगति नहीं कर सकता।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वे किसानों के बीच रहे हैं और उनकी हालत को समझ सकते हैं, इसलिए वे किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए अच्छे इरादे से काम कर रहे हैं। शुक्रवार को यहां शुरू हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में शामिल होने आए मोदी ने कहा- किसान ने अपनी जमीन कैसे खो दी? यह कहां चली गई? अपने बच्चों को चपरासी की नौकरी दिलाने के लिए या उन्हें ड्राइवर बनाने के लिहाज से रिश्वत देने के लिए वे अपनी जमीन तक बेचने को मजबूर हो जाते थे। पिछली सरकार ने उन्हें जमीन बेचने के लिए बाध्य किया।

उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी रिकार्ड में सुधार किया जाएगा ताकि किसानों को उनकी जमीन वापस मिले। इसके लिए हम बड़ा अभियान शुरू करेंगे। भूमि अधिग्रहण विधेयक के खिलाफ अभियान छेड़ने वाले विपक्षी दलों पर नाम लिए बिना निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि जो लोग झूठ फैला रहे हैं, वे जानते नहीं हैं कि किसानों के हितों का संरक्षण कैसे किया जाए।

भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर विपक्ष के अभियान का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि किसानों के नाम पर राजनीतिक फायदा उठाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसानों की जमीन को बचाना इतना महत्त्वपूर्ण है तो उनके पशुधन का संरक्षण भी जरूरी है। आज देश का पशुधन खत्म हो रहा है और मैं हैरान हूं, जो लोग किसान की जमीन को बचाने के नाम पर बड़े बड़े आंदोलन चलाने के लिए निकल पड़े हैं, राजनीतिक रोटियां पकाने के लिए निकल पड़े हैं, उन्हें इसकी चिंता नहीं है। अगर पशुधन गांवों से खत्म हो जाएगा तो गांवों का उतना ही बुरा हाल होगा।

किसानों के सशक्तीकरण की बात करते हुए मोदी ने कहा- मैं आसमान से नहीं टपका हूं। मैं ग्रामीणों और गरीब लोगों के बीच रहा हूं और यहां पहुंचा हूं। मुझे पता है कि जब तक गांवों का विकास नहीं होगा और किसानों की तरक्की नहीं होगी, भारत प्रगति नहीं करेगा। किसानों को खेती के लिए तकनीक चाहिए, उन्हें बुनियादी ढांचा, अच्छी सड़कें, सिंचाई चाहिए, बिजली चाहिए, खुद का घर चाहिए। क्या गांवों के लोगों को यह सुविधा नहीं मिलनी चाहिए?

राजग सरकार पर कांग्रेस की नीतियों की नकल करने के आरोपों पर विपक्षी पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ कार्यक्रम समान दिख सकते हैं लेकिन कई बार नीतियों से ज्यादा शक्तिशाली नीयत होती है। हमारे इरादे नेक और दृढ़ हैं, आपके नहीं थे। इसलिए हम आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में 10 महीने का उनका अनुभव दिखाता है कि अगर इरादे नेक हैं तो फैसले और नतीजे भी सही होते हैं।

प्रधानमंत्री ने यूपीए सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सालों तक फैसले लंबित रहे। उन्होंने कहा- जब मुझे फाइलें मिलीं तो मैंने 2007 के प्रस्तावों को 2014 तक लटके देखा, 2011 के प्रस्ताव 2014 तक लंबित थे। मुझे हैरानी है कि वे क्या कर रहे थे। फाइलें दो से सात साल तक लंबित थीं। ऐसे सैकड़ों प्रस्ताव लंबित थे। मैंने साहसिक फैसले लेने की हिम्मत दिखाई।

कालेधन पर विपक्ष के आरोपों पर प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग पूछ रहे हैं कि कालाधन कहां है, यह कब वापस आएगा, यह वापस आएगा भी या नहीं। वे ऐसे झूठ फैलाते हैं ताकि सच दब जाए। लेकिन सच कभी नहीं दबता और सही समय पर सामने आता है। मेरी सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में एसआइटी के गठन का निर्णय लिया जबकि पिछली सरकार सुप्रीम कोर्ट के कहने के बावजूद तीन साल तक ऐसा करने से बचती रही।

मोदी ने काले धन की समस्या से निपटने के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कुछ कदमों की बात की जिनमें जी-20 समूह के देशों की मदद मांगना और संसद के बजट सत्र के पहले चरण में काले धन के खिलाफ एक कानून लाने के लिए विधेयक पेश करना शामिल है। उन्होंने कहा- बजट भाषण तक वे कालेधन पर हमारा मजाक बनाते थे। जब हम विधेयक लाए तो उनका मजाक बंद हो गया। उन्हें लगने लगा कि क्या हो रहा है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि विदेशों में गया काला धन वापस आएगा और यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि और कालाधन बाहर नहीं जाए।

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