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गैस मूल्य फॉर्मूले में नहीं होगा बदलाव, कीमतें लागत से कम: धर्मेंद्र प्रधान

आखिरी बार एक अक्तूबर को गैस का दाम घटाकर 2.5 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू या प्रति इकाई कर दिया गया।

Author नई दिल्ली | October 6, 2016 1:04 PM
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

सरकार ने बुधवार (5 अक्टूबर) को घरेलू प्राकृतिक गैस के मूल्य फॉर्मूले में बदलाव से इनकार कर दिया। हालांकि, इस फॉर्मूले की वजह से गैस का दाम उत्पादन लागत से भी नीचे चला गया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने अक्तूबर, 2014 में गैस अधिशेष वाली अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका-मेक्सिको, कनाडा और रूस में प्रचलित दरों के हिसाब से आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए गैस का मूल्य तय करने का फॉर्मूला बनाया था। चूंकि गैस अधिशेष वाली अर्थव्यवस्थाओं में गैस कीमतों में गिरावट आई है ऐसे में यहां भी इसके दामों में चार बार से कटौती की जा रही है। आखिरी बार एक अक्तूबर को गैस का दाम घटाकर 2.5 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू या प्रति इकाई कर दिया गया।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार (5 अक्टूबर) को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘अक्तूबर, 2014 में मंजूर फॉर्मूला लागू है… इसमें कोई बदलाव नहीं किया जा रहा।’ उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार इस फॉर्मूला में बदलाव पर विचार कर रही है। इसकी वजह से ओएनजीसी और आयल इंडिया जैसे उत्पादकों को नुकसान हो रहा है। हालांकि, यह फॉर्मूला सभी मौजूदा और भविष्य के उत्पादन पर लागू होना था, लेकिन सरकार ने इस साल में इसमें कुछ सुधार करते हुए मुश्किल क्षेत्रों मसलन गहरे समुद्र या उच्च दबाव-उच्च तापमान वाले क्षेत्रों से उत्पादन पर मूल्य निर्धारण की सीमित आजादी दी है। मुश्किल क्षेत्रों से उत्पादित गैस के लिए दर वैकल्पिक ईंधन के अधिकतम मूल्य तक सीमित की गई है। इस हिसाब से एक अक्तूबर से छह महीने तक मुश्किल क्षेत्रों की गैस का दाम 5.3 डॉलर प्रति इकाई तय किया गया है।

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