ये टैक्स नहीं हों तो आधे हो जाएं पेट्रोल और डीजल के भाव, अब भी सरकार को हर लीटर पर हो रही इतनी कमाई

पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम किए जाने के बाद भी इनकी खुदरा कीमतों के 50 प्रतिशत के बराबर तक टैक्स वसूला जा रहा है। वैट की दरें राजस्थान में सबसे अधिक और अंडमान में सबसे कम हैं।

Diesel Petrol Taxes
डीजल और पेट्रोल पर अभी भी 50 प्रतिशत तक टैक्स वसूले जा रहे हैं। (Express photo by Nirmal Harindran)

पेट्रोल और डीजल के भाव (Petrol Diesel Rate) कम करने के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में टैक्स में कटौती (Excise Duty Reduction) की है। पेट्रोल पर पांच रुपये और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर शुल्क कम करने के बाद भी अभी इनके ऊपर 50 प्रतिशत तक टैक्स लग रहे हैं। मतलब आप जितने का पेट्रोल खरीद रहे हैं, उसका आधा सीधे सरकारी खजाने में जा रहा है।

एक्साइज ड्यूटी कम होने से वैट में भी आई कमी

केंद्र सरकार के द्वारा डीजल और पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के बाद राज्यों में स्थानीय स्तर पर लगने वाले वैट (VAT) में भी कुछ कमी आई है। मूल्य वर्धित कर एक प्रकार का कर के ऊपर लगने वाला कर (Tax On Tax) है। तो केंद्रीय स्तर पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी जैसे ही कम हुई है, सभी राज्यों में वैट की दरें भी कुछ कम हो गईं। हालांकि अब भी पेट्रोल की कुल कीमत में 50 प्रतिशत हिस्सा टैक्सों का है। डीजल के मामले में यह हिस्सा 40 प्रतिशत है।

ऐसे तय होती है डीजल और पेट्रोल की खुदरा कीमत

ईंधनों की खुदरा बिक्री की दर में बेसिक प्राइस (Basic Price) और ढुलाई की लागत के अलावा सेंट्रल एक्साइज, डीलरों का कमीशन और वैट शामिल होते हैं। दिल्ली का उदाहरण लेकर देखें तो इस बार की कटौती से पहले 32.90 रुपये की एक्साइज ड्यूटी और 30 प्रतिशत वैट मिलकर कुल टैक्स को 54 प्रतिशत बना दे रहे थे। एक्साइज ड्यूटी पांच रुपये कम होने से अब खुदरा कीमत में टैक्स का हिस्सा कम होकर 50 प्रतिशत पर आ गया है।

डीजल पर इतना कम हुआ टैक्स

इसी तरह डीजल का देखें तो पहले इसके ऊपर 31.80 रुपये एक्साइज ड्यूटी लग रही थी। इसके अलावा 16.75 रुपये वैट और 250 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से एयर एम्बीएंस चार्जेज लग रहा था। इस तरह डीजल पर खुदरा कीमत के 48 प्रतिशत के बराबर टैक्स लग रहे थे। एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये कम होने के बाद अब यह हिस्सा 40 प्रतिशत रह गया है।

24 राज्यों में और सस्ता हो चुके हैं डीजल-पेट्रोल

केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम करने के बाद राज्यों से अपने स्तर पर वैट कम करने का भी आग्रह किया था। अभी तक 24 राज्य व केंद्रशासित प्रदेश अपनी ओर से वैट में कमी कर चुके हैं। इन राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अधिक कमी आई है। हालांकि अभी भी कई राज्यों ने अपने स्तर पर वैट नहीं घटाया है। दिल्ली भी इनमें से एक है। जिन राज्यों ने वैट कम किया है, वहां पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में टैक्स का हिस्सा अधिक कम हुआ है।

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राजस्थान में सबसे महंगा तो अंडमान में सबसे सस्ता

राज्यवार देखें तो राजस्थान (Rajasthan) डीजल-पेट्रोल पर सबसे अधिक वैट (VAT on Diesel Petrol) वसूल रहा है। राजस्थान में अभी 30.51 रुपये प्रति लीटर वैट वसूला जा रहा है। इसके बाद महाराष्ट्र (Maharashtra) 29.99 रुपये, आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) 29.02 रुपये, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) 26.87 रुपये वैट वसूल रहा है। सबसे कम वैट अंडमान एंड निकोबार (Andaman & Nicobar) में है, जहां इसकी दर महज 4.93 रुपये लीटर है। स्वाभाविक तौर पर भारत में सबसे महंगा पेट्रोल राजस्थान में बिक रहा है और सबसे कम कीमत पर अंडमान में उपलब्ध है।

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