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वोडाफोन के खिलाफ SC में अपील नहीं करेगी सरकार

सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कर भुगतान में पारदर्शिता लाने के लिए वोडाफोन मामले में मुंबई हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील न करने का फैसला किया है। इससे निवेश की रास्ते में आने वाली दिक्कतें दूर होंगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए 3705 करोड़ रुपए […]

सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए कर भुगतान में पारदर्शिता लाने के लिए वोडाफोन मामले में मुंबई हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील न करने का फैसला किया है। इससे निवेश की रास्ते में आने वाली दिक्कतें दूर होंगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के लिए 3705 करोड़ रुपए प्रति मेगाहर्ट्ज के आधार मूल्य को मंजूरी दे दी है।

निरर्थक कानूनी विवादों से बचने और कर मुद्दों पर निवेशकों की चिंताओं को दूर करने के लिए सरकार ने वोडाफोन से संबंधित ट्रांसफर प्राइसिंग मामले में अदालती फैसले को चुनौती नहीं देने का फैसला किया है। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार वैश्विक निवेशकों को स्पष्ट व सकारात्मक संकेत देना चाहती है कि वह उचित व पारदर्शी व कानूनी दायरे में रहेगी।

उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका नहीं दाखिल करने का फैसला पूरी तरह सोच समझ कर किया है। दूरसंचार व वित्तीय क्षेत्र में यह विरासत में मिला मुद्दा है। उन्होंने कहा कि हम इस पुरानी दिक्कतों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

प्रसाद ने कहा कि बहुत ही अस्थिर कर नीति के कारण पहले निवेशकों के विश्वास को झटका लगा, जहां निवेशकों व सरकारों के विचार टकराहट वाले थे। अब इस फैसले से हमने एक तरह से यह संकेत दिया है कि जहां आयकर देनदारी स्पष्ट व साफ है, इसे वसूला जाएगा। और जहां इसे बिना किसी कानूनी अधिकार के ज्यादा खींचा गया है, सरकार का रवैया न्यायोचित रहेगा। यह हमारे उचित रुख को दिखाता है।

मालूम हो कि वोडाफोन का मौजूदा मामला वोडाफोन की भारतीय सहयोगी वोडाफोन इंडिया के शेयरों को ब्रिटेन की अपनी मूल कंपनी को हस्तांतरित करते समय लगाई गई कीमत से जुड़ा है। वोडाफोन ने ट्रांसफर प्राइसिंग मामले में अपने खिलाफ आयकर विभाग के आदेश को चुनौती देते हुए 27 जनवरी को बंबई हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिमंडल ने 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड के स्पेक्ट्रम के लिए 3705 रुपए प्रति मेगाहर्ट्ज के आधार या आरक्षित मूल्य को मंजूरी दे दी है। मालूम हो कि 2100 मेगाहर्ट्ज बैंड स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल 3जी सेवाआें के लिए होता है।

सरकार 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज तथा 1800 मेगाहर्ट्ज बैंड के स्पेक्ट्रम के आधार मूल्यों को पहले ही तय कर चुकी है। इन बैंडों में स्पेक्ट्रम की नीलामी 3जी स्पेक्ट्रम के साथ चार मार्च को शुरू होगी। इन सभी बैंडों में स्पेक्ट्रम की बिक्री से सरकार को एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा मिलने की उम्मीद है। यह अभी तक की सबसे बड़ी स्पेक्ट्रम बिक्री होगी।

प्रसाद ने बताया कि बैठक में ओमान और भारत के बीच पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने संबंधी सहमति पत्र को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत दोनों देश पर्यटन क्षेत्र में आपसी सहयोग का दायरा बढ़ाएंगे, पर्यटन संबंधी आंकड़ों और सूचनाओं का आदान-प्रदान करेंगे, होटल और टूर आपरेटरों सहित इस क्षेत्र के हितधारकों के बीच सहयोग बढ़ाएंगे और पर्यटन व अतिथि सेवा आदि क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देंगे।

पश्चिम एशिया में हाल के वर्षों में ओमान भारत के लिए एक प्रमुख पर्यटन संबंधी बाजार के रूप में उभरा है। इसी तरह ओमान के लिए भारत भी मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक बना है।

 

 

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