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पेट्रोल और डीजल कार चलाना होगा और महंगा, 12,000 रुपए लेवी लगाने की तैयारी में मोदी सरकार

इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, तीन पहिया और कार खरीदने वाले लोगों के लिए पहले साल में 25,000-50,000 रुपये तक के प्रोत्साहन का प्रस्ताव दिया है। यह फायदा ऑटोमेकर्स की जेब में न जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए यह लाभ सीधे खरीदारों को उनके खाते में ट्रांसफर करने का प्रस्ताव है।

Author December 19, 2018 6:39 PM
“फीबेट” से पहले साल में सरकार को करीब 7,500 करोड़ रुपये की मदद मिलेगी।

“प्रदूषक भुगतान” सिद्धांत का उपयोग करते हुए, सरकार ने नई पेट्रोल और डीजल कारों की खरीद पर 12,000 रुपये की लेवी लगाने के लिए एक योजना तैयार की है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवीएस) और बैटरी निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए धन जुटाने में मदद मिलेगी, नई नीति के तहत यह फाइनल होने के लिए आखिरी स्टेज पर है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक शीर्ष सरकारी अधिकारियों ने बताया कि टॉप सचिवों की एक बैठक के बाद नीति आयोग द्वारा तैयार किए गए एक नोट में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, तीन पहिया और कार खरीदने वाले लोगों के लिए पहले साल में 25,000-50,000 रुपये तक के प्रोत्साहन का प्रस्ताव दिया है। यह फायदा ऑटोमेकर्स की जेब में न जाए, यह सुनिश्चित करने के लिए यह लाभ सीधे खरीदारों को उनके खाते में ट्रांसफर करने का प्रस्ताव दिया है। इससे पहले इसके लिए एक और मसौदा तैयार किया गया था जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खारिज कर दिया था। नौकरशाहों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि बैटरी पर ऑटोमोटर्स को रियायत देने की बजाय सस्ते में देने का प्रोत्साहन दिया जाए।

सूत्रों ने कहा कि प्रोत्साहन बेहतर ईंधन दक्षता और उत्सर्जन मानदंडों के साथ आएंगे और स्वच्छ प्रौद्योगिकी का उपयोग कर वाहनों की तेजी से रैंप-अप के लिए जरूरी है। “फीबेट” से पहले साल में सरकार को करीब 7,500 करोड़ रुपये की मदद मिलेगी। दरअसल सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल के एक्सपेंशन के लिए 732 करोड़ रुपए का बजट रखा था जो कि इसके लिए पर्याप्त नहीं है। चौथे साल में “प्रदूषक कारों” पर सरचार्ज 70,000 रुपये तक पहुंच जाएगा, इसलिए सरकार को नए लेवी के माध्यम से 43,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की उम्मीद है।

सरचार्ज का बोझ जीवाश्म ईंधन कारों तक ही सीमित नहीं होगा। पेट्रोल/डीजल दोपहिया वाहन, तीन पहिया और कमर्शियल वाहन भी पहले साल में 500-25,000 रुपये का सरचार्ज आकर्षित करेंगे, जो चौथे साल में 4,500 रुपये से 90,000 रुपये तक पहुंच जाएगा। भारी उद्योग विभाग द्वारा फंड मैनेज किया जाएगा। ईवी के लिए प्रोत्साहन पहले वर्ष में 50,000 रुपये से नीचे आ जाएगा और पॉलिसी के चौथे साल तक 15,000 रुपये हो जाएगा। लेवी का मूल्यांकन कई प्रोत्साहनों के साथ आएगा,  जिसमें कच्चे माल, बैटरी पैक और सामान पर कम सीमा शुल्क और जीएसटी, सभी इलेक्ट्रिक वाहनों की रजिस्ट्रेशन फीस और रोड टैक्स नहीं लगना शामिल है।

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