भारत सरकार ने जबरन मजदूरी (Forced Labour) से तैयार किए गए सामान के आयात पर रोक लगाने का फैसला किया है। वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को जारी अधिसूचना में यह जानकारी दी।

भारत उन देशों में शामिल है, जिन पर अमेरिका जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के आयात को रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए 12.5% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को जारी मंत्रालय के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह “केंद्र सरकार को नोटिफिकेशन के जरिए ऐसे सामान के आयात पर रोक लगाने का अधिकार देता है, जो पूरी तरह या आंशिक रूप से जबरदस्ती मजदूरी का इस्तेमाल करके बनाए या तैयार किए गए हों”।

नोटिफिकेशन के अनुसार, भारत की विदेशी व्यापार संस्था इस बात की जांच करेगी कि क्या आयातित सामान जबरदस्ती मजदूरी से बनाया गया था। अगर सबूत मिलते हैं, तो वह सरकार को सलाह देगी कि बातचीत के बाद उन उत्पादों के आयात पर रोक लगा दी जाए। यह नोटिफिकेशन 30 दिनों के बाद लागू होगा।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकतर देशों की तरह, भारत से आने वाले ज्यादातर सामान पर अभी अमेरिका का 10% टैरिफ लगता है। लेकिन उम्मीद है कि वाशिंगटन जबरदस्ती मजदूरी और जरूरत से ज्यादा औद्योगिक क्षमता को लेकर दो अलग-अलग जांचों के ज़रिए और ज्यादा टैरिफ लागू करेगा।

क्या है जबरन मजदूरी का मतलब?

नोटिफिकेशन के मुताबिक, ‘ऐसा कोई भी काम या सेवा जो किसी व्यक्ति से किसी सजा के डर से जबरदस्ती कराई जाए और उस व्यक्ति ने जिसके लिए स्वेच्छा से अपनी सहमति न दी हो।’

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