MTNL, BSNL की लगभग 970 करोड़ रुपये की संपत्तियां बेचेगी सरकार

बीएसएनएल की संपत्तियां हैदराबाद, चंडीगढ़, भावनगर और कोलकाता में हैं और बिक्री के लिए इनका आरक्षित मूल्य 660 करोड़ रुपये है। दीपम की वेबसाइट पर मुंबई के गोरेगांव के वसारी हिल में स्थित एमटीएनएल संपत्तियों को लगभग 310 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य पर बिक्री के लिए सूचीबद्ध किया है।

सरकार ने बीएसएनएल और एमटीएनएल की 970 करोड़ की संपत्ति को बेचने के लिए सूचीबद्ध किया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) की वेबसाइट पर अपलोड किए गए दस्तावेजों के अनुसार सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनियों एमटीएनएल और बीएसएनएल की अचल संपत्तियों को लगभग 970 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य पर बिक्री के लिए सूचीबद्ध किया है।

बीएसएनएल की संपत्तियां हैदराबाद, चंडीगढ़, भावनगर और कोलकाता में हैं और बिक्री के लिए इनका आरक्षित मूल्य 660 करोड़ रुपये है। दीपम की वेबसाइट पर मुंबई के गोरेगांव के वसारी हिल में स्थित एमटीएनएल संपत्तियों को लगभग 310 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य पर बिक्री के लिए सूचीबद्ध किया है।

इसी तरह ओशिवारा में स्थित एमटीएनएल के 20 फ्लैटों को भी कंपनी की परिसंपत्ति मौद्रिकरण योजना के हिस्से के रूप में बिक्री के लिए रखा गया है। फ्लैटों में 1 कमरे के सेट की दो इकाइयां, 1 बेडरूम हॉल और रसोई (1 बीएचके) की 17 इकाइयां और 2 बीएचके की एक इकाई शामिल हैं। इनका आरक्षित मूल्य 52.26 लाख रुपये से लेकर 1.59 करोड़ रुपये तक है। इनका आरक्षित मूल्य 52.26 लाख रुपये से लेकर 1.59 करोड़ रुपये तक है।

बीएसएनएल अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक पी के पुरवार ने पीटीआई-भाषा को बताया कि यह एमटीएनएल और बीएसएनएल में परिसंपत्ति मौद्रिकरण का पहला चरण है। बीएसएनएल की 660 करोड़ रुपये की संपत्तियों और एमटीएनएल की 310 करोड़ रुपये की संपत्तियों के लिए बोलियां आमंत्रित की गई हैं। हम पूरी प्रक्रिया को डेढ़ महीने के भीतर पूरा करने की योजना बना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हम परिसंपत्ति मौद्रिकरण के लिए बाजार की मांग के अनुसार आगे बढ़ेंगे। एमटीएनएल की संपत्तियों की ई-नीलामी 14 दिसंबर को होगी।

संपत्ति का यह मुद्रीकरण एमटीएनएल और बीएसएनएल के लिए 69,000 करोड़ रुपये की उस पुनरुद्धार योजना का हिस्सा है जिसे सरकार ने अक्टूबर 2019 में मंजूरी दी थी। सार्वजनिक क्षेत्र की दोनों कंपनियों को 2022 तक 37,500 करोड़ रुपये की संपत्ति की पहचान करने और उसके मुद्रीकरण करने का समय दिया गया था।

बता दें कि सरकार इससे पहले भारत पेट्रोलियम, शिपिंग कॉर्पोरेशन, एयर इंडिया, आईटीडीसी और होटल कॉर्पोरेशन जैसी प्रमुख कंपनियों को भी निजी हाथों में सौंप चुकी है।  

पढें व्यापार समाचार (Business News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट