GST Collections : भारत का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन जनवरी में 1,93,384 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले साल इसी महीने के मुकाबले 6.2% ज्यादा है। यह बढ़ोतरी मज़बूत घरेलू एक्टिविटी और इंपोर्ट रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ के कारण हुई है। सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। कुल ‘रिफंड’ में 3.1 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 22,665 करोड़ रुपये रहा।

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जनवरी में शुद्ध माल एवं सेवा कर राजस्व में 7.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह करीब 1.71 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। तंबाकू उत्पादों से उपकर संग्रह जनवरी में 5,768 करोड़ रुपये रहा। जनवरी, 2025 में यह 13,009 करोड़ रुपये रहा था, जब कार तथा तंबाकू उत्पादों जैसे विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर उपकर लगाया जाता था।

सरकार ने 22 सितंबर, 2025 से करीब 375 वस्तुओं पर जीएसटी की दरें कम कर दी थीं जिससे सामान सस्ता हो गया। साथ ही, पहले की तरह विलासिता, हानिकारक एवं अहितकर वस्तुओं पर लगने वाले उपकर के बजाय अब केवल तंबाकू तथा संबंधित उत्पादों पर ही क्षतिपूर्ति उपकर लगाया जाता है।

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जीएसटी दरों में कमी से राजस्व संग्रह पर असर पड़ा है। जनवरी में घरेलू लेनदेन से सकल कर संग्रह 4.8 प्रतिशत बढ़कर 1.41 लाख करोड़ रुपये हो गया जबकि आयात राजस्व 10.1 प्रतिशत बढ़कर 52,253 करोड़ रुपये रहा।

दिसंबर में कितना हुआ था जीएसटी कलेक्शन?

जीएसटी कलेक्शन दिसंबर महीने में 1.75 लाख करोड़ रुपए रहा था। दिसंबर 2024 में सरकारी खजाने में जीएसटी कलेक्शन के तौर पर 1.64 लाख करोड़ रुपए आए थे। FY26 में अब तक यानी अप्रैल-दिसंबर के बीज जीएसटी कलेक्शन 16.5 लाख करोड़ रुपए है जो एक साल पहले समान अवधि में 15.2 लाख करोड़ रुपए था। यह 8.6% का उछाल है।

भाषा के इनपुट के साथ