वैश्विक अस्थिरता और देशों के बीच बढ़ते संघर्ष की वजह से पिछले एक साल में सोने की चमक दोगुना हो गई है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के साथ पश्चिम एशिया के देशों में संघर्ष के कारण सोने की कीमत में बढ़ोतरी का ग्राफ लगातार चढ़ रहा है।
सोने में सुरक्षित निवेश और अलग अलग देशों की मुद्रा की कीमत में गिरावट से भी सोने की खरीदारी लगातार बढ़ रही है। ‘सेफ हेवन बाइंग’ के तहत निवेशक अपने पैसे सुरक्षित रखने के लिए सोना, सरकारी बांड या मजबूत मुद्रा में निवेश करते हैं।
पिछले एक वर्ष के दौरान इन वजहों से सोने की कीमत में लगातार उछाल से इसकी चमक बढ़ती जा रही हैं। एक मार्च, 2025 को 24 करेट सोने का भाव 8,6620-8,7000 (प्रति 10 ग्राम) था जो सोमवार को दोगुना दर्ज की गई। हालांकि, पिछले साल शादियों के सीजन के दौरान मांग और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला था।
सोने की कीमत में लगातार इजाफा
‘आल इंडिया ज्वेलर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष योगेश सिंघल के मुताबिक, पिछले एक साल के दौरान वैश्विक अस्थिरता और देशों में उथल पुथल होने की वजह से कीमत में उछाल के बाद सोमवार को कीमत दोगुना हो गई है। कीमत 1.75 लाख तक पहुंच गई। सिंघल ने बताया कि वैश्विक अस्थिरता और डालर के प्रति विश्वसनीयता कम होने की वजह से भी सोने की कीमत में लगातार इजाफा हो रहा है।
‘आल एंड जेम्स एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल’ में निदेशक मंडल के सदस्य रवि प्रकाश अग्रवाल ने कहा, पिछले करीब एक साल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देशों के बीच उथल पुथल के बीच सोने की कीमत में करीब दोगुना इजाफा हो चुकी है। अलग अलग देशों की मुद्रा की कीमत में गिरावट के बाद उनके केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की मांग बढ़ जाती है।
अग्रवाल के मुताबिक, पिछले एक डेढ़ महीने के दौरान सोने पर काफी निवेश किया गया और वैश्विक उथल पुथल को देखते हुए केंद्रीय बैंकों में एक बार फिर सोने की मांग बढ़ने से कीमत में इजाफा हो रहा है।
सोने की कुल मांग पांच हजार टन के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई
‘वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल’ की रपट के मुताबिक, 2025 में सोने की कुल मांग पांच हजार टन के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई है, जिसमें निवेश मांग ने दोगुना उछाल दर्ज किया है। केंद्रीय बैंक, अपने भंडार में विविधता लाने और डालर आधारित परिसंपत्तियों पर निर्भरता कम करने के लिए लगातार भारी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं।
यह भी पढ़ें: गोल्ड बीन्स क्या हैं? आखिर क्यों Gen-Z कर रहे इस ‘नए सोने’ में निवेश
चीन में पिछले साल आए एक रुझान से पता चला था कि युवा पीढ़ी अब महंगी पीली धातु को जमकर खरीद रही है लेकन वे गोल्ड बीन्स में निवेश कर रहे हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि गोल्ड बीन्स क्या हैं? जानते हैं कि आखिर क्यों Gen-Zs इन छोटे दानों वाले सोने में निवेश कर रहे हैं? पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
