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दिवाली पर सोने में निवेश करना कितना फायदेमंद? डिटेल में जानें- कैसे गोल्ड में पैसे लगाकर कमा सकते हैं आप

सोने में निवेश ही सुरक्षित रिटर्न की गारंटी बन गया है। फिलहाल देश में सोने की डिमांड निचले स्तर पर है और इसकी वजह दाम ऊंचे होना है। लेकिन यदि आप दिवाली में निवेश का प्लान बना रहे हैं तो सोने में इन्वेस्टमेंट पर विचार कर सकते हैं...

gold investmentसोने में निवेश पर आपको मिल सकता है अच्छा रिटर्न

दुनिया भर में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 5 लाख मामले सामने आए हैं। एक बार फिर से कोरोना के मामलों में तेजी ने बाजार की अनिश्चितता भी बढ़ा दी है। इससे शेयर मार्केटों में आशंका का दौर है और बैंकों में इन्वेस्टमेंट पर ब्याज भी काफी कम मिल रहा है। ऐसे में सोने पर निवेश ग्राहकों के लिए फायदेमंद हो सकता है। कोरोना वैक्सीन में भी देरी की आशंका है और कहा यह जा रहा है कि 2021 के दूसरे हाफ तक ही वैक्सीन आ पाएगी। ऐसे में सोने में निवेश ही सुरक्षित रिटर्न की गारंटी बन गया है। फिलहाल देश में सोने की डिमांड निचले स्तर पर है और इसकी वजह दाम ऊंचे होना है। लेकिन यदि आप दिवाली में निवेश का प्लान बना रहे हैं तो सोने में इन्वेस्टमेंट पर विचार कर सकते हैं…

सोने की कीमतों पर क्या असर?
कोरोना के मामलों में एक बार फिर तेजी से इजाफा होने के चलते कई यूरोपीय देशों ने नए सिरे से लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। अगस्त में सोने के दाम 2,050 डॉलर प्रति औंस थे, जो अक्टूबर में 1880 डॉलर प्रति औंस हो गए थे। अब इनमें एक बार फिर से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। भारत की ही बात करें तो सोने के दाम अगस्त में 56 हजार रुपये तोला थे, जो फिलहाल 51 हजार के करीब हैं। गुरुवार को दिल्ली में 10 ग्राम सोने की कीमत 50,630 रुपये थी। लेकिन कोरोना के मामलों में एक बार फिर तेजी आने से स्टॉक मार्केट में गिरावट का दौर है और इससे सोना तेजी पकड़ सकता है। हालांकि मोटे तौर पर देखें तो मई 2019 के बाद से ही सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है।

आगे क्या हो सकता है?
रूस में कोरोना वैक्सीन तैयार होने की खबर के बाद से ही सोने के दामों में अगस्त के बाद से गिरावट का दौर देखने को मिल रहा था। लेकिन अब कोरोना केस फिर से बढ़े हैं और कोई देशों ने नए सिरे से लॉकडाउन लागू किए हैं। ऐसी स्थिति में आर्थिक रिकवरी मुश्किल है और इसके चलते एक बार फिर से सोने में मजबूती देखने को मिल सकती है। ऐतिहासिक तौर पर भी देखें तो जब भी कोई अनिश्चितता की स्थिति पैदा होती है तो तमाम देशों के केंद्रीय बैंक सोने की खरीद तेज कर देते हैं और इससे पीली धातु महंगी होने लगती है। कोरोना काल के बीच अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर और भारत चीन सीमा पर तनाव के चलते अनिश्चितता में और इजाफा हुआ है।

क्या आपको सोने में निवेश करना चाहिए?
सोने में निवेश करते हुए आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि यह तात्कालिक फायदे के लिए नहीं है और पीढ़ियों के लिए इसका निवेश करना चाहिए। आज यदि हम 50,000 रुपये तोला सोने की खरीद करते हैं तो दो दशक बाद निश्चित तौर पर इसका लाभ मिलेगा। बीते 15 सालों की ही बात करें तो सोने की कीमत 7 हजार रुपये तोला से बढ़ते हुए इस लेवल पर पहुंची है। इसलिए दिवाली से अलग भी यदि आप सोने में निवेश करते हैं तो निश्चित तौर पर यह फायदे का सौदा साबित होगा।

क्या आपको कॉइन खरीदने चाहिए या बॉन्ड्स?
यदि आप सोने की खरीद ज्वैलरी के तौर पर नहीं कर रहे हैं तो फिर गोल्ड बॉन्ड्स खरीद सकते हैं। इनके तहत आपको गोल्ड के इजाफे के साथ ही रिटर्न भी मिलेगा और हर साल 2.5 पर्सेंट का फिक्स कूपन भी मिलता है। इन्हें पेपर फॉर्म में जारी किया जाता है, इसलिए सुरक्षा के लिए लिहाज से भी यह अच्छा विकल्प हैं। इनका मैच्योरिटी पीरियड 8 साल का होता है और निवेशक चाहे तो 5 साल में एग्जिट कर सकता है।

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