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अनिल अंबानी के इस कारोबार को अडानी ग्रुप ने किया था अपने नाम, साल 2018 में हुई डील

2018 में रिलायंस एनर्जी के मुंबई कारोबार को अडानी ग्रुप के नाम करने का ऐलान किया था। अडानी ग्रुप ने रिलायंस एनर्जी के मुंबई बिजनेस को 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा में खरीद लिया था।

गौतम अडानी, अनिल अंबानी (Photo-PTI )

बीते कुछ सालों से रिलायंस ग्रुप के मुखिया अनिल अंबानी कर्ज के जाल में फंसे हुए हैं। इस वजह से अनिल अंबानी की कई कंपनियां अधिग्रहण की प्रक्रिया से गुजर रही हैं। वहीं, कई कंपनियों की संपत्ति की बिक्री हो रही है।

हालांकि, अनिल अंबानी की कुछ कंपनियों के संपत्ति का अधिग्रहण पहले ही हो चुका है। इन्हीं में से एक अधिग्रहण रिलायंस एनर्जी का है। कंपनी ने मुंबई का पावर कारोबार अडानी ग्रुप को दे दिया था। दरअसल, साल 2018 में रिलायंस एनर्जी के मुंबई कारोबार को अडानी ग्रुप के नाम करने का ऐलान किया था। अडानी ग्रुप इसकी पुष्टि करते हुए बताया था कि रिलायंस एनर्जी के मुंबई बिजनेस को 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा में खरीद लिया है।

अडानी ट्रांसमिशन ने अधिग्रहण किया: इस कारोबार को अडानी ट्रांसमिशन ने अधिग्रहण किया था। वहीं, रिलायंस एनर्जी पहले रिलायंस इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के अंतर्गत आती थी। ये इलेक्ट्रिसिटी जेनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन क्षेत्र में सक्रिय है। तब रिलायंस की ओर से बताया गया था कि डील के अंतर्गत मिलने वाले पैसों में से अधिकांश का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज को कम करने के लिए करेगी। आपको बता दें कि अनिल अंबानी की कई कंपनिया बिक्री प्रक्रिया से गुजर रही हैं। वहीं, कुछ कंपनियों की संपत्ति की भी बिक्री कर रही है।

3 महीनों में बिक चुकी है 3 बड़ी संपत्ति: आपको बता दें कि अनिल अंबानी कर्ज को कम करने में जुटे हैं। इसके लिए अनिल अंबानी की कंपनियों ने बीते तीन महीनों में तीन बड़ी डील है। इसी साल जनवरी में रिलायंस इंफ्रा ने पारबती कोलडैम ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (PKTCL) में अपनी समूची 74 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री का सौदा पूरा कर लिया है।

इसी तरह, रिलायंस इंफ्रा ने दिल्ली-आगरा (डीए) टोल रोड क्यूब हाइवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को 3,600 करोड़ रुपये में बेची है। इसके अलावा अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (आर इंफ्रा) ने मुंबई स्थित रिलायंस सेंटर को भी बेचने का ऐलान किया है। (ये पढ़ें—टाटा की वजह से मुकेश अंबानी की बढ़ेगी टेंशन)

इसे रिलायंस ने प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक को 1,200 करोड़ रुपये में बेची है। इसके साथ आर इंफ्रा के ऊपर यस बैंक का कर्ज 4,000 करोड़ रुपये से घटकर 2,000 करोड़ रुपये रह गया है।  2021 के अंत तक रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर कर्ज मुक्त कंपनी बनने को प्रतिबद्ध है। (ये पढ़ें—मुकेश अंबानी की Jio ने Airtel के साथ की डील, बाजार में निवेशकों ने दिया ये रिएक्शन)

 

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