ताज़ा खबर
 

अडानी ही नहीं, रामदेव के लिए भी भारी रहा सप्ताह, निवेशकों की डूबी बड़ी रकम

गौतम अडानी के अगुवाई वाले अडानी समूह की अधिकतर लिस्टेड कंपनियों के शेयर रेंगते हुए नजर आए। यही हाल योग गुरु रामदेव की लिस्टेड कंपनी रुचि सोया का रहा।

गौतम अडानी-रामदेव (Photo-Indian Express )

इस सप्ताह के 5 कारोबारी दिन अडानी समूह की कंपनियों के लिए ठीक नहीं रहे। गौतम अडानी के अगुवाई वाले अडानी समूह की अधिकतर लिस्टेड कंपनियों के शेयर रेंगते हुए नजर आए। यही हाल योग गुरु रामदेव की लिस्टेड कंपनी रुचि सोया का रहा। दिलचस्प बात ये है कि करीब तीन साल पहले रुचि सोया के अधिग्रहण के लिए गौतम अडानी और रामदेव के बीच टकराव भी हो चुका है।

रुचि सोया के शेयर का हाल: बीते 5 कारोबारी दिन में रुचि सोया के शेयर में 70 रुपये से ज्यादा का नुकसान दिखा है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को रुचि सोया का शेयर भाव 1275 रुपये के स्तर पर था जो अब लुढ़क कर 1205 रुपये के स्तर पर आ चुका है। इस लिहाज से 70 रुपये प्रति शेयर की कमी आई है।

इसका मतलब ये हुआ कि जिसने बीते सोमवार को शेयर खरीदे होंगे, उसे अब तक प्रति शेयर 70 रुपये का नुकसान हो गया है। इसका सीधा असर रुचि सोया के मार्केट कैपिटल पर भी पड़ा है। सोमवार तक 40 हजार करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटल के स्तर को छुने के बाद अब 35 हजार करोड़ के स्तर पर आ टिका है।

अडानी ग्रुप का हाल: इस पूरे हफ्ते में गौतम अडानी की अडानी समूह के शेयरों की जबरदस्त पिटाई हुई। सोमवार से लेकर शुक्रवार तक ​अडानी ग्रुप के शेयरों की हालत खराब रही। दरअसल, सोमवार को खबर आई कि नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) ने तीन विदेशी फंडों के अकाउंट पर रोक लगा दी है। इन फंडों ने अडानी ग्रुप की कंपनियों में 43,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसकी वजह से अडानी समूह की कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए। हफ्ते भर लगातार अडानी ग्रुप के कई शेयरो में लोअर सर्किट लगता रहा।

अडानी ने की थी रुचि सोया के अधिग्रहण की कोशिश: आपको बता दें कि साल 2017 में कर्ज में डूबी रुचि सोया बिक्री प्रक्रिया से गुजर रही थी। इस कंपनी को खरीदने की रेस में गौतम अडानी की अडानी विल्मर के अलावा योगगुरु रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद भी थी। हालांकि, बाद में अडानी विल्मर ने रुचि सोया को खरीदने का प्रस्ताव वापस ले रहा है।

इसकी वजह कंपनी के अधिग्रहण की प्रक्रिया में देरी रही। इसके बाद रुचि सोया ने पतंजलि आयुर्वेद का अधिग्रहण किया। पतंजलि ने कर्ज में डूबी रुचि सोया को खरीदने के लिए 4325 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी।

Next Stories
1 बाबा रामदेव की कंपनी पर है करीब 3400 करोड़ रुपए का कर्ज, जानिए किन लोगों की है गांरंटी
2 India Forex Reserve : विदेशी दौलत के मामले में भारत ने रूस को पीछे छोड़ा
3 लंदन में सेटल हैं एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल के दामाद, जानिए क्या है कारोबार
ये पढ़ा क्या?
X