लॉकडाउन में भी पूरी सैलरी देने के गृह मंत्रालय के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा- आखिर कितने दिनों तक वेतन दे सकती हैं कंपनियां

कंपनी ने अपनी याचिका में कहा कि केंद्र सरकार का फैसला ‘समान कार्य, समान वेतन’ और ‘काम नहीं, पेमेंट नहीं’ के सिद्धांत का भी उल्लंघन है। लॉकडाउन की अवधि में भी इस सिद्धांत से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

salary
लॉकडाउन में भी सैलरी देने के सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

लॉकडाउन की अवधि में प्राइवेट कंपनियों को कर्मचारियों को पूरी सैलरी देने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने सरकार को आदेश दिया कि यदि कंपनियां अपने वर्कर्स को पूरी सैलरी नहीं दे पाती हैं तो उनके खिलाफ कोई ऐक्शन नहीं होना चाहिए। कर्नाटक स्थित कंपनी फिकस पैक्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है। कंपनी ने अपनी याचिका में गृह मंत्रालय के आदेश की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह फैसला संविधान के आर्टिकल 14 और 19 (1)(g) का उल्लंघन है, जिसमें किसी भी पेशे, व्यवसाय और कारोबार पर एक समान कानून लागू करने की बात कही है।

कंपनी ने अपनी याचिका में कहा कि केंद्र सरकार का फैसला ‘समान कार्य, समान वेतन’ और ‘काम नहीं, पेमेंट नहीं’ के सिद्धांत का भी उल्लंघन है। लॉकडाउन की अवधि में भी इस सिद्धांत से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। इस याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस एल. नागेश्वर राव ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सवालिया अंदाज में कहा, ‘आखिर सरकार कंपनियों से कब तक सैलरी के भुगतान की उम्मीद रखती है।’ इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि इस बात का जवाब देने के लिए उन्हें कुछ दिनों का वक्त चाहिए।

बेंच ने कहा कि छोटे उद्योग लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि कमाई के बिना वे 15 दिनों तक ही काम करते रह सकते हैं, लेकिन इसके बाद यदि उनकी कमाई नहीं होगी तो वे वर्कर्स को सैलरी नहीं दे पाएंगी। जस्टिस नागेश्वर राव ने कहा कि यदि ऐसी स्थिति में कंपनियां अपने कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पाती हैं तो फिर उनके खिलाफ कोई ऐक्शन नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि यदि वास्तव में काम होता है तो फिर कंपनियां सैलरी देने के लिए बाध्य हैं, लेकिन बिना काम के ऐसी बाध्यता नहीं की जा सकती।

Lockdown 4.0 Full Update:  14 दिन के लिए और बढ़ा देश में लॉकडाउन, अब 3 के बजाय 5 होंगे जोन्स; प्लेन-ट्रेन व मेट्रो रहेगी बंद। Lockdown 4.0 Guidelines में किन चीजों को मंजूरी और किन्हें नहीं, देखें डिटेल में। कोरोना, लॉकडाउन की मार: ‘घर पर पड़ी है पति की लाश, बस पहुंचा दो गांव’, दिल्ली में फंसी महिला का दर्द। मजदूरों का मुद्दाः मोदी सरकार पर बरसे RSS से जुड़े संगठन के नेता, बोले- श्रमिकों को मारोगे भी, फिर रोने भी न दोगे। MyGov.in COVID-19 Trackers: इन 13 तरीकों से पा सकते हैं Corona से जुड़ी आधिकारिक जानकारी। IRCTC: मरीजों, बुजुर्गों को लाने-ले-जाने को स्टेशन पर मिलती है बैट्री कार, जानें कैसे

पढें व्यापार समाचार (Business News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।