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अब पास्ता, मैक्रोनी और दूसरे नूडल की बारी

भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने सोमवार को सात कंपनियों के टाप रेमन, फूडल्स और वाइ-वाइ जैसे विभिन्न नूडल, पास्ता और मैक्रोनी ब्रांडों की जांच का आदेश दिया है ताकि मैगी विवाद...

Author Published on: June 9, 2015 12:16 PM

भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने सोमवार को सात कंपनियों के टॉप रेमन, नूडल्स और वाइ-वाइ जैसे विभिन्न नूडल, पास्ता और मैक्रोनी ब्रांडों की जांच का आदेश दिया है ताकि मैगी विवाद को देखते हुए इनके ब्रांडों में नियमों के अनुपालन की जांच की जा सके।

एफएसएसएआइ ने ‘मैगी न्यूटिलिशस पास्ता विद टेस्टमेकर’ की चार किस्मों के परीक्षण का भी आदेश दिया है। एफएसएसएआइ के मुख्य कार्यकारी वाइएस मलिक ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को लिखे पत्र में कहा कि मैगी और इसी तरह के अन्य उत्पादों के परीक्षण से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंता खड़ी हुई है। इसको देखते हुए परामर्श दिया जाता है कि इसी तरह के उत्पादों के नमूने जांच के दायरे में लाए जाएं जिन्हें एफएसएसएआइ की मंजूरी मिली हुई है। इन नमूनों को परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशालाओं में भेजा जाना चाहिए।

मानक प्राधिकरण के आदेश के मुताबिक जिन कंपनियों के उत्पादों को परीक्षण की सूची में डाला गया है उनमें नेस्ले इंडिया, आइटीसी, इंडो निसिन फूड लिमिटेड, जीएसके कंज्यूमर हेल्थकेयर, सीजी फूड्स इंडिया, रुचि इंटरनेशनल और एए न्यूट्रिशन लिमिटेड शामिल हैं। नियामक ने अपने साथ सूचीबद्ध उत्पादों की जांच का आदेश दिया है। इन उत्पादों में वाइ-वाइ नूडल और सीजी फूड्स का भुजिया चिकन स्नैक, रुचि इंटरनेशनल का कोका इंस्टेंट नूडल, जीएसके कंज्यूमर हेल्थकेयर का फूडल और नेस्ले के मैगी इंस्टेंट नूडल की नौ किस्में शामिल हैं। इस सूची में निसिन की टॉप रेमन आटा मसाला, आइटीसी के इंस्टेंट नूडल की तीन किस्में और यमी चिकन व एए न्यूट्रिशन के शाकाहारी नूडल शामिल हैं।

सीजी फूड के मुख्य कार्यकारी जीपी शाह ने कहा कि हमारे ब्रांड भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण से सूचीबद्ध हैं। ये सभी नियामकीय मानकों को पूरा करते हैं। हम जांच के खिलाफ नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर अधिकारियों के साथ सहयोग करेंगे। दूसरी कंपनियों से अभी टिप्पणी नहीं मिल सकी। यह पहल स्विट्जरलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी नेस्ले की भारतीय इकाई की ओर से बाजार से मैगी वापस लेने के बाद की गई है। ‘2 मिनट’ मैगी ब्रांड में तय मात्रा से अधिक सीसा और मोनोसोडियम ग्लूटामेट पाए जाने के कारण कई राज्यों ने इस उत्पाद पर पाबंदी लगा दी है।

इस बीच, एफएसएसएआइ ने मैगी नूडल को मनुष्यों के खाने के लिए असुरक्षित और खतरनाक करार देते हुए इसकी सभी किस्मों पर प्रतिबंध लगा दिया है। नियामक ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे खाद्य उत्पादों के नमूने लें। अगर खाद्य उत्पाद मानकों के अनुरूप न हों तो एफएसएस अधिनियम के प्रावधानों और अन्य कानूनों के मुताबिक कार्रवाई करें। एफएसएसएआइ ने एक पत्र में कहा कि उत्पाद मंजूरी प्रक्रियाओं के मुताबिक इन खंडों के ऐसे अन्य सभी उत्पादों के सुरक्षित होने संबंधी जांच नहीं की गई है। इसलिए ये गैरकानूनी हैं और मानव के खाने योग्य नहीं हैं।

राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि ऐसे गैरकानूनी उत्पाद वापस लिए जाएं और बाजार से हटा कर इन्हें नष्ट किया जाए। प्रिजरवेटिव (उत्पादों को सुरक्षित रखने वाले तत्त्व) और कृत्रिम रंग के परीक्षण जैसे सामान्य पैमानों के अलावा खाद्य नियामक ने सभी राज्य खाद्य सुरक्षा आयुक्तों से कहा है कि वे सीसा, तांबा, आर्सेनिक और कैडमियम जैसे धातुओं के सम्मिश्रण की जांच करें।

* मानक प्राधिकरण के आदेश के मुताबिक जिन कंपनियों के उत्पादों को परीक्षण की सूची में डाला गया है उनमें नेस्ले इंडिया, आइटीसी, इंडो निसिन फूड लिमिटेड, जीएसके कंज्यूमर हेल्थकेयर, सीजी फूड्स इंडिया, रुचि इंटरनेशनल और एए न्यूट्रिशन लिमिटेड शामिल हैं।

* नियामक ने अपने साथ सूचीबद्ध उत्पादों की जांच का आदेश दिया है। इन उत्पादों में वाइ-वाइ नूडल और सीजी फूड्स का भुजिया चिकन स्नैक, रुचि इंटरनेशनल का कोका इंस्टेंट नूडल, जीएसके कंज्यूमर हेल्थकेयर का फूडल और नेस्ले के मैगी इंस्टेंट नूडल की नौ किस्में शामिल हैं।

* इस सूची में निसिन की टॉप रेमन आटा मसाला, आइटीसी के इंस्टेंट नूडल की तीन किस्में और यमी चिकन व एए न्यूट्रिशन के शाकाहारी नूडल शामिल हैं।

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