भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 4 साल बाद बढ़ोतरी देखने को मिली है। सरकारी तेल कंपनियों की ओर से ईंधन पर 3 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसकी बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और हॉरमुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) से जुड़े हालात माने जा रहे हैं, जिसका असर वैश्विक कच्चे तेल और गैस बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है।
दरअसल, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। कच्चे तेल के साथ-साथ एलपीजी के लिए भी देश कई विदेशी बाजारों पर निर्भर है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में जरा-सी तेजी या सप्लाई बाधित होने का सीधा असर भारत में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों पर पड़ता है। यही वजह है कि पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ते ही आम लोगों की चिंता भी बढ़ने लगती है। ऐसे में सवाल उठता है कि भारत आखिर किन-किन देशों से कच्चा तेल और एलपीजी खरीदता है…
भारत किन देशों से करता है कच्चे तेल का आयात?
भारत दुनिया के तेल आयातक देशों में तीसरे स्थान पर है, जो अपनी जरूरत का लगभग 80 से 85% कच्चा तेल आयात करता है। जिसमें लगभग 80% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मूज से होकर आता है, जो अमेरिका ईरान तनाव के कारण बंद है।
Reuters, Kpler और उद्योग डेटा के मुताबिक रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल (Crude Oil) सप्लायर बना हुआ है। हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण आयात में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
भारत जिन देशों से कच्चा तेल आयात करता है, उनमें शामिल हैं:
– रूस
– इराक
– सऊदी अरब
– संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
– अमेरिका
– नाइजीरिया
– अंगोला
– ब्राजील
– कुवैत
– कतर
– ओमान
– वेनेजुएला
– इक्वाडोर
– कोलंबिया
– मेक्सिको
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए लगातार अलग-अलग देशों से तेल खरीद बढ़ा रहा है, ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम की जा सके।
भारत किन-किन देशों से करता है एलपीजी का आयात?
भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत आयात के जरिए पूरा करता है और इन आयातों का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) से होकर आता है। ऐसे में पश्चिम एशिया तनाव की वजह से प्रभावित है।
पहले भारत मुख्य रूप से खाड़ी देशों पर निर्भर था और एलपीजी का बड़ा हिस्सा इन देशों से आयात किया जाता था:
– कतर
– संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
– सऊदी अरब
– कुवैत
वहीं, अब भारत ने एलपीजी आयात के स्रोतों में विविधता बढ़ाई है और नए देशों से भी खरीद शुरू की है। इनमें शामिल हैं:
– संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)
– नॉर्वे
– कनाडा
– अल्जीरिया
– रूस
भारत अपनी कुल जरूरत का करीब 40 प्रतिशत एलपीजी घरेलू स्तर पर भी उत्पादन करता है।
भारत में कच्चा तेल और एलपीजी आयात करने वाली प्रमुख सरकारी और निजी ऑयल मार्केटिंग/रिफाइनिंग कंपनियां ये हैं:
– इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन – IOC
– भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड – BPCL
– हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड – HPCL
– रिलायंस इंडस्ट्रीज
– नायरा एनर्जी
इनमें IOC, BPCL और HPCL देश की सबसे बड़ी सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हैं, जो पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई में सबसे बड़ी भूमिका निभाती हैं। वहीं रिलायंस और नायरा जैसी निजी कंपनियां भी बड़े स्तर पर कच्चा तेल आयात और रिफाइनिंग करती हैं।
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