from Engineer to Real Estate Builder Tycoon, Here is Amrapali Group Anil Sharma Story, who is facing SC verdict now - आम्रपाली ग्रुप के मालिक को सुप्रीम कोर्ट ने दी बेघर करने की धमकी, जानिए इंजीनियर से बिल्डर बनने की कहानी - Jansatta
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आम्रपाली ग्रुप के मालिक को सुप्रीम कोर्ट ने दी बेघर करने की चेतावनी, जानिए इंजीनियर से बिल्डर बनने की कहानी

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली और उसकी 40 सिस्टर कंपनियों और उनके प्रबंधन निदेशकों की संपत्तियां और बैंक खाते फ्रीज करने के निर्देश दिए हैं। हाल में कंपनी के सीईओ और शर्मा के दामाद रितिक सिन्हा को सेस न भरने पर गिरफ्तार होना पड़ा था। शर्मा के मजूदा हालातों से पीछे देखें तो एक इंजीनियर से बिल्डर बनने की दिलचस्प कहानी सामने आती है।

आम्रपाली ग्रुप के चेयरमैन अनिल शर्मा की फाइल फोटो। (Image Source- facebook/Amrapali Group)

रियल एस्टेट टाइकून आम्रपाली ग्रुप के मालिक अनिल शर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने बेघर करने की चेतावनी दी है। वह हाल में लोगों को कथित तौर पर उनके घर देने में नाकाम होने को लेकर खबरों में रहे। सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली और उसकी 40 सिस्टर कंपनियों और उनके प्रबंधन निदेशकों की संपत्तियां और बैंक खाते फ्रीज करने के निर्देश दिए हैं। हाल में कंपनी के सीईओ और शर्मा के दामाद रितिक सिन्हा को सेस न भरने पर गिरफ्तार होना पड़ा था। शर्मा के मजूदा हालातों से पीछे देखें तो एक इंजीनियर से बिल्डर बनने की दिलचस्प कहानी सामने आती है। मूल रूप से बिहार की राजधानी पटना से 70 किलोमीटर दूर पडारक गांव से ताल्लुक रखने वाले अनिल शर्मा ने कालीकट स्थित एनआईटी से बीटेक और फिर खड़गपुर आईआईटी से एमटेक किया। बिहार में एनटीपीसी और एनपीसीसी में नौकरी की। बाद में कानून और प्रबंधन में भी डिग्रियां कीं। 2002 में रियल एस्टेट में किस्मत आजमाने दिल्ली आ गए। पहला प्रोजेक्ट आम्रपाली एग्जोटिक था जहां 140 फ्लैट्स बनाए। इसके बाद कई प्रोजेक्ट लिए।

2015 में आम्रपाली सफलता की छोटी पहुंचा और मशहूर हस्तियां ग्रुप से जुड़ने लगीं। इसके बाद कई प्रोजेक्ट्स जैसे कि नोएडा में आम्रपाली सैफायर और आम्रपाली प्लेटिनम, गाजियाबाद में आम्रपाली एम्पायर, ग्रेटर नोएडा में कमर्शियल हब, जयपुर में टाउनशिप, बिहार के मुजफ्फरपुर में आम्रपाली मल्टीप्लेक्स मॉल और एक आईटी हब कम फाइव स्टार होटल खासे मशहूर हुए। वह दिल्ली-एनसीआर में  प्रतिद्वंदियों पर भारी पड़ते हुए वह एक भरोसेमंद हस्ती बन गए। बिल्डरों का एक प्रमुख संघ CREDAI-NCR के अध्यक्ष बने। भारत के बाहर भी उन्हें पहचान मिली। उन्होंने देश-विदेश के मिलाकर 70 अवॉर्ड जीते। पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी कंपनी के ब्रांड एंबेसडर बन गए।

कंपनी एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स), हॉस्पिटैलिटी और एंटरटेनमेंट में उतर गई। आम्रपाली मम्स के नाम से इसके एफएमसीजी प्रोडक्ट्स बिहार के राजगीर में वी-मार्ट और बिग बाजार स्टोर्स पर बेचे जाने लगे। उत्तर प्रदेश के बरेली और झारखंड के देवघर में थ्री स्टार होटल खोले। आम्रपाली मीडिया विजन ने दो फिल्में बनाई- गांधी टू हिटलर और आई डोन्ट लव यू। इन फिल्मों की सफलता के लिए अनिल शर्मा ने कंपनी की सीईओ और पत्नी पल्लवी शर्मा को श्रेय दिया।

डोनल्ड ट्रंप को आदर्श मानकर राजनीति में हाथ आजमाया। एक बार जेडीयू के टिकट पर 2014 में बिहार के जहानाबाद से चुनाव लड़े लेकिन हार गए। दो बार राज्यसभा से ट्राई किया, जिसमें एक बार बीजेपी के उम्मीदवार बने लेकिन उसमें भी हार गए। लखी सराय स्थित बालिका विद्यापीठ के सचिव शरद चंद्र की हत्या के मामले में 6 अन्य आरोपियों के साथ अनिल शर्मा का भी नाम आया। आम्रपाली ग्रुप के कई चेक बाउंस होने पर कई शिकायतें दर्ज हुईं। हाल में सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली और उसकी 40 कंपनियों की जायादाद और बैकों खातों, चल और अचल संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश दिया, जिसमे ग्रुप के प्रबंधन निदेशकों के खाते और संपत्तियां भी शामिल हैं।

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