भारत के दिग्गज उद्योगपति और विप्रो के संस्थापक अजीम प्रेमजी की कहानी किसी प्रेरणादायक मिसाल से कम नहीं है। एक समय कुकिंग ऑयल बनाने वाली छोटी कंपनी को संभालने वाले प्रेमजी ने अपनी दूरदर्शिता और नेतृत्व से इसे आईटी सेक्टर की ग्लोबल कंपनी में बदल दिया।
आज Wipro दुनिया की प्रमुख आईटी सर्विस कंपनियों में शामिल है और अजीम प्रेमजी को भारत के सबसे सम्मानित उद्योगपतियों और बड़े दानवीरों में गिना जाता है। हालांकि, इनका ये सफर आसान नहीं था…
शुरुआत
अजीम प्रेमजी का जन्म 24 जुलाई 1945 को हुआ था। उनके पिता मोहम्मद हाशम प्रेमजी एक सफल बिजनेसमैन थे और उन्होंने एक कंपनी शुरू की थी जो मुख्य रूप से कुकिंग ऑयल और वनस्पति तेल बनाती थी।
1966 में जब अजीम प्रेमजी अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे थे, तभी उनके पिता का अचानक निधन हो गया। पिता के निधन के बाद उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में छोड़कर भारत लौटना पड़ा और परिवार के बिजनेस की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।
काफी कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालना आसान नहीं था, लेकिन प्रेमजी ने इसे चुनौती के रूप में लिया और धीरे-धीरे कंपनी को नए क्षेत्रों में विस्तार देना शुरू किया।
अजीम प्रेमजी की फैमिली
अजीम प्रेमजी का कारोबारी परिवार से आते है। उनके पिता मोहम्मद हाशिम प्रेमजी (Mohammad Hashim Premji) ‘बर्मा के चावल के राजा’ (Rice King) के रूप में प्रसिद्ध एक बेहद सफल व्यापारी थे।
अजीम प्रेमजी शादीशुदा हैं और उनके दो बच्चे हैं। उनके बेटे Rishad Premji (रिशद प्रेमजी) भी बिजनेस में सक्रिय हैं। 2019 में रिशाद प्रेमजी को विप्रो का एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाया गया, जिसके बाद कंपनी की कमान नई पीढ़ी के हाथों में आ गई। हालांकि अजीम प्रेमजी अभी भी कंपनी के फाउंडर चेयरमैन के रूप में जुड़े हुए हैं।
अजीम प्रेमजी का करियर
अजीम प्रेमजी ने जब कंपनी की जिम्मेदारी संभाली, तब कंपनी मुख्य रूप से वनस्पति तेल और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का कारोबार करती थी। लेकिन प्रेमजी ने कंपनी का फ्यूचर देखने हुए इसे टेक्नोलॉजी सेक्टर की ओर मोड़ने का फैसला किया।
उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश शुरू किया। उनका यही फैसला बाद में कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ।
धीरे-धीरे कंपनी ने सॉफ्टवेयर सेवाओं और आईटी सॉल्यूशंस में कदम रखा और वैश्विक स्तर पर अपने क्लाइंट्स बढ़ाने लगी। आज विप्रो आईटी सर्विस, बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेवाओं में काम करती है और दुनिया के कई देशों में मौजूद है।
अजीम प्रेमजी का कारोबार
विप्रो आज भारत की सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनियों में से एक है और इसके ग्राहक दुनिया भर में फैले हुए हैं। विप्रो की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, कंपनी का वार्षिक राजस्व 10 अरब डॉलर से ज्यादा बताया जाता है।
कंपनी के बिजनेस में शामिल हैं:
– आईटी सर्विस और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट
– बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (BPO)
– रिसर्च और डेवलपमेंट सेवाएं
– क्लाउड और डिजिटल सॉल्यूशंस
इसके अलावा विप्रो के अन्य बिजनेस भी हैं, जिनमें कंज्यूमर गुड्स, इंजीनियरिंग और हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
विप्रो का एक इनोवेशन सेंटर सिलिकॉन वैली में भी है, जहां नई टेक्नोलॉजी विकसित करने और स्टार्टअप्स के साथ सहयोग करने पर काम किया जाता है।
अजीम प्रेमजी की कंपनी सिर्फ बिजनेस तक सीमित नहीं है बल्कि पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर भी सक्रिय है। कंपनी अपने सस्टेनेबिलिटी और सामाजिक पहल के लिए दुनिया भर में जानी जाती है।
परोपकार और समाजसेवा के लिए किए अरबों डॉलर दान
अजीम प्रेमजी को दुनिया के सबसे बड़े दानवीरों में से एक माना जाता है। उन्होंने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा समाज के विकास के लिए दान कर दिया है।
फोर्ब्स के अनुसार, अब तक वे लगभग 21 अरब डॉलर से ज्यादा दान कर चुके हैं, जो मुख्य रूप से शिक्षा और सामाजिक विकास के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
अजीम प्रेमजी की नेटवर्थ (Azim Premji Net Worth)
फोर्ब्स के रियल टाइम आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल 2026 तक अजीम प्रेमजी की नेटवर्थ लगभग 8.3 अरब डॉलर है। वे दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 410 वें नंबर पर है।
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