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पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम में हुआ करोड़ों का घोटाला, गैर-किसानों ने भी लिया फायदा, 16 हुए गिरफ्तार

यह फ्रॉड लगभग एक साल पहले सामने आया, जब कुड्डालोर कलेक्टर चंद्रशेखर सखामुराई‌ ने पिलाईयारमेडू गांव में लाभार्थियों की सूची में गैर-किसानों का भी नाम पाया‌। इसके बाद इस मामले में जांच के आदेश दिए गए।

Author Edited By यतेंद्र पूनिया नई दिल्ली | Updated: September 8, 2020 10:37 AM
pm kisan schemeपीएम किसान सम्मान निधि स्कीम के नाम पर करोड़ों का फ्रॉड

किसानों को हर साल 6,000 रुपये की गारंटी देने वाली स्कीम पीएम किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। तमिलनाडु में करोड़ों रुपये के फ्रॉड के केस में 16 लोगों को अरेस्ट किया गया है। मामले की जांच सीबीसीआईडी द्वारा की जा रही है। अब तक सीबीसीआईडी ने कुड्डालोर, तिरुवन्नामलाई, विल्लुपुरम, सलेम, कल्लाकुरिची जिलों से 16 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया है लगभग 40 हजार अपात्र लोग गलत जानकारी देकर प्रधानमंत्री किसान स्कीम से वार्षिक 6,000 रूपए का लाभ उठा रहे थे। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत तीन किस्तों में किसानों को सालाना यह मदद दी जाती है।

दरअसल यह फ्रॉड लगभग एक साल पहले सामने आया, जब कुड्डालोर कलेक्टर चंद्रशेखर सखामुराई‌ ने पिलाईयारमेडू गांव में लाभार्थियों की सूची में गैर-किसानों का भी नाम पाया‌। इसके बाद इस मामले में जांच के आदेश दिए गए। जांच में कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर्स ने अपने अधिकार क्षेत्र की जांच में ऐसे कई फ्रॉड होने की बात कही। इसके बाद सरकार ने सीबीसीआईडी को मामले की जांच सौंप दी। राज्य में बीजेपी किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष राजा सुरेंद्र रेड्डी ने कहा कि गलत दस्तावेजों और फर्जी पतों के आधार पर लोग यह लाभ उठा रहे थे। एक अधिकारी ने कहा कि फर्जी लाभार्थियों के खाते में करीब 10 करोड़ रुपये की रकम ट्रांसफर हुई थी, जिसमें से 1.5 करोड़ रुपये वापस सरकार के खाते में भेज दिए गए हैं।

अधिकारी ने आगे बताया फ्रॉड मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में से दो सलेम जिले के थारामंगलम से हैं। इन्हीं लोगों ने गैर किसानों की अपने कंप्यूटर सेंटर के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान स्कीम में अप्लाई करने में मदद की। अकेले सलेम जिले से लगभग 14,000 अपात्र लाभार्थी हैं। जबकि अन्य जिलों से लगभग 5000 अपात्र लाभार्थी हैं। इसके अलावा 51 और लोगों को चिन्हित किया गया है। फ्रॉड मामले में कारवाई करते हुए कृषि विभाग में स्थाई कर्मचारी के. राजा को फ्रॉड में भागीदारी के आरोप के कारण सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा कृषि विभाग ने सलेम के ज्वाइंट डायरेक्टर इलानगोवान का ट्रांसफर कर दिया है।

इस फ्रॉड पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलनिसामी ने तिरुवल्लूर में पत्रकारों से कहा इस मामले की विस्तृत जांच चल रही है। इस घोटाले में बीजेपी नेताओं ने न्यायिक जांच की मांग की है। बीजेपी के प्रदेश महामंत्री कारू नागार्जन ने पार्टी के अन्य पदाधिकारियों के साथ मुख्य सचिव के. संनमुगम को पीटीशन सौंपते हुए अपात्र लाभार्थियों को तत्काल सूची से निकालने की मांग की। मुख्य विपक्षी पार्टी द्रमुक के नेता एमके स्टालिन ने कहा मुख्यमंत्री पलनिसामी के गृह जिले में 10,000 से ज्यादा अपात्र लाभार्थियों का मिलना चिंताजनक है।

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