ताज़ा खबर
 

8 लाख करोड़ रुपये NPA की वसूली के लिए RBI 15 दिनों में जारी करेगा दिशा-निर्देश, 60 से 90 दिन में केस निपटाने की होगी समय-सीमा

भारतीय रिजर्व बैंक एनपीए पर अध्यादेश को परिचालन में लाने के लिए एक पखवाड़े में दिशानिर्देश जारी करेगा, जिससे डूबे कर्ज की वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

Author मुंबई | May 22, 2017 5:53 PM
रिजर्व बैंक एक विशेष प्रकोष्ठ के गठन पर भी विचार कर रहा है, जो किसी कंपनी के पुनरोद्धार या अधिग्रहण से संबंधित मामलों की पहचान करेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक एनपीए पर अध्यादेश को परिचालन में लाने के लिए एक पखवाड़े में दिशानिर्देश जारी करेगा, जिससे डूबे कर्ज की वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। बैंकोंं की गैर निष्पादित आस्तियां (एनपीए) आठ लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गई हैं। सूत्रों ने बताया कि इसकी रूपरेखा में एनपीए से संबंधित मुद्दों की पहचान के लिए एक अलग प्रकोष्ठ के गठन की व्यवस्था होगी। साथ ही इसमें निपटान प्रक्रिया के लिए एक निश्चित समयसीमा का प्रावधान भी होगा।

यह समयसीमा 60 से 90 दिन की हो सकती है। रिजर्व बैंक एक विशेष प्रकोष्ठ के गठन पर भी विचार कर रहा है, जो किसी कंपनी के पुनरोद्धार या अधिग्रहण से संबंधित मामलों की पहचान करेगा। इसके अलावा वह किसी बैंक को कोई मामला दिवाला एवं शोधन के लिए भेजने के लिए भी कह सकता है। सरकार द्वारा रिजर्व बैंक को बैंकों को दिवाला एवं शोधन की प्रक्रिया शुरू करने का अधिकार दिए जाने के बाद केंद्रीय बैंक ने एनपीए निपटान के लिए करीब 50 मामलों की पहचान की है।

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ऐसे मामले जिनकी संयुक्त रिणदाता मंच (जेएलएफ) द्वारा समीक्षा की जा चुकी है, लेकिन उन पर निष्कर्ष नहीं निकला है, ऐसे मामलों को रिजर्व बैंक उठाएगा और बैंकों को निपटान के लिए कहेगा। सूत्रों ने बताया कि पहले चरण में भूषण स्टील और जीवीके पावर जैसे 10 से 12 मामलों को लिया जा सकता है।

इसी के साथ आपको ये भी बता दें कि रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर बिमल जालान ने एक निश्चित सीमा से अधिक कमाने वाले अमीर किसानों पर कर लगाने की वकालत की है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि इससे छोटे किसानों का हित प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही जालान ने कहा कि सरकार ने जो कदम उठाए हैं उससे भारत की रेटिंग का उन्नयन करने का मामला बनता है।

कृषि आय पर कर के विवादास्पद मुद्दे को उठाते हुए जालान ने भारतीय परिस्थितियों में कृषि और छोटे किसानों के महत्व का उल्लेख किया। जालान ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘सवाल यह है कि यदि आपके पास काफी कृषि जमीन और उससे आपको एक निश्चित सीमा के बाद ऊंची आय होती है, तो आप इस ऊंची आय पर कर लगाने के बारे में विचार कर सकते हैं।’’

हालांकि, साथ ही जालान ने कहा कि एक बड़ी संख्या छोटे किसानों की है, और हमें ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे उनका हित प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की उपलब्धि महंगाई को कम करना और ऊंची वृद्धि हासिल करना है। लेकिन उसे भ्रष्टाचार को कम करने और जटिल प्रशासनिक प्रणाली को सुधारने के लिए अभी काफी कुछ करने की जरूरत है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App