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12 साल में पहली बार शेयर बाजार ने बनाया ऐसा रिकॉर्ड, एक साल में सेंसेक्‍स निफ्टी में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट

पिछले दशहरा के पर्व से इस साल तक देखा जाए तो सेंसेक्‍स और निफ्टी में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। 2011 के बाद यह पहला मौका है जब दोनों इक्विटी सूचकांकों ने इतना नुकसान दर्ज किया है।

12 साल में पहली बार शेयर बाजार ने बनाया ऐसा रिकॉर्ड, एक साल में सेंसेक्‍स निफ्टी में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट
सेंसेक्‍स और निफ्टी में एक साल के दौरान 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट (फाइल फोटो)

विश्‍व में मंदी की आशंका के बीच भारतीय शेयर मार्केट ने एक निगेटिव रिकॉर्ड बनाया है। 12 साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक साल में शेयर बाजार के सेंसेक्स और निफ्टी में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। हालांकि एक्‍सपर्ट का मानना है, इस गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर ज्‍यादा नहीं है और विश्लेषकों को उम्मीद है कि यह बेहतर प्रदर्शन करना जारी रखेगा।

पिछले दशहरा के पर्व से इस साल तक देखा जाए तो सेंसेक्‍स और निफ्टी में 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। 2011 के बाद यह पहला मौका है जब दोनों इक्विटी सूचकांकों ने इतना नुकसान दर्ज किया है। ब्‍लूमवर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में विदेशी निवेशकों ने स्थानीय इक्विटी में करीब 27.78 अरब डॉलर की बिक्री की, जबकि घरेलू निवेशकों ने 3.17 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।

बाजार में गिरावट की क्‍या रही वजह

भारतीय बाजार में सेंसेक्‍स और निफ्टी के कंपनियों के शेयर में गिरावट की वजह अंतराष्‍ट्रीय बाजार में गिरावट, रुपये में गिरावट और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा तेज बिकवाली आदि रही है, जो अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कारण आई है। विश्‍व स्तर पर भी इक्विटी बाजारों ने इस साल बढ़ती कीमतों पर काबू पाने की कोशिश कर रहे फेड द्वारा भारी नुकसान दर्ज किया है। इसके अलावा रूस-यूक्रेन का भी असर शेयर बाजार पर हुआ है।

आरबीआई के ब्‍याज का भी रहा असर

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के लिए तीसरी बार अपनी नीतिगत दर में 50 आधार अंकों की वृद्धि की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही कई ब्रोकरेज और रेटिंग एजेंसियों ने भारत के विकास टारगेट को कम बताया है। हाल ही में RBI ने भारत के GDP का अनुमान को पहले के 7.2 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया। इस कारण भी बाजार में गिरावट देखने को मिला है।

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था सुधार की वजह

भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था सुधार का कारण जीएसटी संग्रह, उम्मीद से बेहतर ऑटो बिक्री संख्या, लोन देने में वृद्धि और सामान्य से अधिक सेक्‍टरों में मुनाफा रहा है। पिछले दशहरा और अब के बीच, बीएसई पावर, बीएसई कैपिटल गुड्स, बीएसई ऑटो और बीएसई एफएमसीजी सूचकांकों में 5 से 15 प्रतिशत के बीच वृद्धि हुई है, जबकि अन्य क्षेत्रीय सूचकांक लाल निशान पर हैं।

सेंसेक्‍स और निफ्टी में 2 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी

सोमवार के गिरावट के बाद मंगलवार (4 अक्‍टूबर, 2022) को शेयर बाजार में सेंसेक्‍स और निफ्टी ने तेज उछाल दर्ज की। सेंसेक्‍स ने 2.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी या 1,276.66 अंक का उछाल दर्ज किया है। मार्केट बंद होने से पहले सेंसेक्‍स 58,065.47 पर था। वहीं निफ्टी की बात करें तो इसने 2.29 प्रतिशत या 386.95 अंक का उछाल दर्ज किया है, जिसके बाद मंगलवार को यह 17,274.30 पर था।

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First published on: 04-10-2022 at 07:56:08 pm