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GST टैक्स से सस्ते होंगे दूध, चाय-कॉफी जैसे खाद्य पदार्थ, हेयर ऑयल, टूथपेस्ट और साबुन जैसी चीजों से कम होगा 10% टैक्स

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने गुरुवार को 1,211 वस्तुओं पर करों की दर पर फैसला कर लिया। इनमें से ज्यादातर वस्तुओं पर 18 फीसदी की दर लगाई गई है।
Author नई दिल्ली | May 19, 2017 10:46 am
चीनी, चाय, कॉफी, खाद्य तेल और कोयले पर 5 फीसदी कर लगेगा।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने गुरुवार को 1,211 वस्तुओं पर करों की दर पर फैसला कर लिया। इनमें से ज्यादातर वस्तुओं पर 18 फीसदी की दर लगाई गई है। हालांकि सोना और बीड़ी पर करों की दर को लेकर एकराय नहीं बन पाई और चर्चा जारी है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी परिषद की पहले दिन की बैठक के बाद मीडिया को बताया, “आज किसी भी सामान पर कर को बढ़ाया नहीं गया। बल्कि कई वस्तुओं पर इससे पहले लगने वाली दरों में कटौती की गई है। राजस्व सचिव हंसमुख अधिया ने कहा कि करीब 81 फीसदी वस्तुओं पर 18 फीसदी या उससे कम कर रखी गई है। केवल 19 फीसदी वस्तुओं पर सबसे अधिक 28 फीसदी की दर लगाई गई है।

उन्होंने कहा कि केवल छह श्रेणियों की वस्तुओं पर कर की दर का फैसला होना बाकी है, जिनमें सोना, बीड़ी और कार शामिल है। वित्त मंत्री ने कहा कि अनाज सहित खाद्य पदार्थ सस्ते हो जाएंगे, क्योंकि उन्हें छूट वाली श्रेणी में शामिल किया गया है। इस श्रेणी में दूध को रखने का भी प्रस्ताव है। हालांकि डिब्बाबंद या ब्रांडेड खाद्य पदार्थो के बारे में अभी फैसला नहीं लिया गया है। जेटली ने कहा कि शेष वस्तुओं पर कर की दरें परिषद की शुक्रवार की बैठक में तय की जाएंगी। वर्तमान में 400 वस्तुओं को कर से छूट दी गई है। हेयर ऑयल, टूथपेस्ट और साबुन जैसी चीजों पर जीएसटी में 18 फीसदी कर लगेगा, जबकि फिलहाल इन पर 28 फीसदी कर लगाया जाता है। वहीं, चीनी, चाय, कॉफी, खाद्य तेल और कोयले पर 5 फीसदी कर लगेगा।

आपको बता दें कि जीएसटी कर से पहले आम जनता पर 17 टैक्स लगते थे लेकिन अब सिर्फ एक ही टैक्स भरना पड़ेगा। पहले उत्पादन, बिक्री और सेवा तीनों पर कर लगता था अब सिर्फ आपूर्ति व सेवा पर लगेगा। जीएसटी एक पोर्टल से संचालित होगी, जिसका क्रेडिट से रिफंड तक सब कुछ इंटरनेट के जरिए होगा। जीएसटी तीन तरह का है सेंट्रल स्टेट और इंटीग्रेट टैक्स से आने वाले राजस्व का हिसाब किताब रखने के लिए वर्गीकरण किया गया है। राज्य के भीतर कारोबार से मिलने वाले टैक्स पर केंद्र व राज्य का आधा आधा हिस्सा होगा, जबकि किसी अन्य राज्य से कारोबार पर इंटीग्रेटेड जीएसटी के फार्मूले से निपटारा करते हुए केंद्र व उपभोक्ता राज्य के बीच टैक्स की रकम को बराबर बांटा जाएगा।  इस तरह के कर सै आम जनता से लेकर व्यापारी वर्ग को भी काफी राहत मिलेगी।

जीएसटी की दो दिन की बैठक के पहले दिन 80 से 90 प्रतिशत वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दरों का निर्धारण कर लिया है। प्रस्तावित जीएसटी व्यवस्था में चार स्तर की दरें रखी गई हैं, जिनमें रोजमर्रा के इस्तेमाल की आवश्यक वस्तुओं पर पांच प्रतिशत की न्यूनतम रखी गई है।

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