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दिवाली शॉपिंग के दौरान इन 6 बातों का रखें ध्यान, पैसों की न होगी तंगी, त्योहार की खुशियां भी होंगी डबल

दिवाली में घर की सजावट से लेकर तमाम जरूरतों के सामान की हम खरीद करते हैं। हालांकि इस दौरान शॉपिंग के चलते अपने जेब खर्च को बढ़ा भी लेते हैं। इस बार की दिवाली ऐसे वक्त में आई है, जब लोग आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं।

diwali shopping saleदिवाली शॉपिंग के वक्त इन 6 बातों का रखें ध्यान

दिवाली में घर की सजावट से लेकर तमाम जरूरतों के सामान की हम खरीद करते हैं। हालांकि इस दौरान शॉपिंग के चलते अपने जेब खर्च को बढ़ा भी लेते हैं। इस बार की दिवाली ऐसे वक्त में आई है, जब लोग आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में दिवाली के दौरान खुशियां मनाने के साथ ही हम अपने खर्च पर भी नियंत्रण रखें। इन 6 बातों का ध्यान रखते हुए हम दिवाली में फिजूलखर्ची कम करते हुए खुशियों को डबल कर सकते हैं…

हले से तय करें बजट और फिजूलखर्ची से बचें: सबसे पहले आपको अपने परिवार से वार्तालाप कर सामान की एक सूची तैयार करनी है। ध्यान रहे आप केवल वही सामान खरीदें जिसकी आपको असल में जरूरत महसूस हो रही हो। क्योंकि लॉकडाउन के बाद से दुकान और मॉल्स में पुराना सामान जस का तस पड़ा हुआ हो सकता है। ऐसे में दुकानदार आपको तरह-तरह के प्रलोभन देकर सामान खरीदने के लिए विवश कर सकता है। ऑफर देने का मतलब यह नहीं है कि आप वह सामान भी खरीद लें जिसकी आपको इस समय आवश्यकता ही नही है।

फ्री कॉस्ट ईएमआई का रखें ध्यान: रिटेलर और ई-कॉमर्स वेबसाइट, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर रेडीमेड कपड़ों और कई अन्य उत्पादों की खरीद पर शून्य लागत ईएमआई की पेशकश कर रहे हैं। लेकिन, शून्य लागत वाली ईएमआई वास्तव में मुफ्त नहीं होते हैं। किसी डीलर द्वारा दी जाने वाली 4 से 5 प्रतिशत की नकद छूट को छोड़कर शून्य लागत वाली ईएमआई आपके लिए उपलब्ध होती है। उदाहरणस्वरूप के लिए आप 6 महीने के लिए 8,000 रुपये की शून्य लागत पर 48,000 रुपये का स्मार्ट टीवी खरीदते हैं, इसमें आपका डिस्कांउट सीधा-सीधा डीलर के खाते में जा रहा है। इसलिए आपको केवल शून्य लागत वाली ईएमआई का लाभ तभी उठाना चाहिए, अगर आप नकद खरीदारी करने में असमर्थ हैं।

‘अभी खरीदें, बाद में भुगतान करें’ योजनाओं से बचें: बाय नाउ पे लेटर स्कीम उपभोक्ताओं को फिनटेक फर्म द्वारा दिया गया व्यक्तिगत ऋण है। फिनटेक लेंडिंग फर्म हैं जैसे ePayLater, LazyPay और Simple जो उपभोक्ताओं को खरीदारी के बाद भुगतान करने की अनुमति देती हैं। यह भुगतान विकल्प फ्लिपकार्ट, अमेजॉन और बिगबास्केट जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर उपलब्ध है। बिलिंग साइकल के दौरान सभी खरीदारी बढ़ जाती हैं, जिसके लिए आप बाद में भुगतान कर सकते हैं। आप ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर इस योजना का उपयोग करके छोटे मूल्य के लेन-देन कर सकते हैं, जो कई बार अतिरिक्त छूट, कैशबैक ऑफ़र इत्यादि देते हैं। ऐसे क्रेडिट सुविधाओं का उपयोग करने से इसलिए बचना चाहिए क्योंकि फिर आपको तय अवधि पर भुगतान करने के लिए तैयार रहना होगा और यदि तय समय पर भुगतान नहीं कर पाते हैं, तो उस पर ब्याज बढ़ता जाता है।

ऑनलाइन देखें, ऑफलाइन खरीदें: उत्पाद और कीमतों की तुलना करने के लिए ई-कॉमर्स वेबसाइटों का उपयोग करें यदि आप इस त्योहारी सीजन में बडी खरीद की योजना बना रहे हैं। पूरी तरह से आनलाइन सर्च आपको प्रोडक्ट की कीमत और ऑफर इत्यादि के बारें में अधिक और सही जानकारी मिल जाती है।

खरीदारी से पहले खरीदारी के ऑफर को डिकोड करें: त्योहारी सीजन की बिक्री के दौरान, रीटेल दुकानों और ऑनलाइन ई-कॉमर्स वेबसाइटें हैं जो 20 से 30 प्रतिशत की छूट का विज्ञापन करती हैं। इस तरह के ऑफर केवल 5,000 रुपये से 10,000 रुपये से अधिक की खरीदारी पर लागू होते हैं। इस चक्कर में कई बार हम थोक में सामान खरीद लेते हैं, जबकि हमें उसकी आवश्यकता नहीं होती है, इसलिए इससे बचना चाहिए।

अतिरिक्त छूट के लिए रिवार्ड प्वाइंट, कैशबैक और कूपन का उपयोग करें: दिवाली आपके क्रेडिट कार्ड रिवार्ड पॉइंट को भुनाने का भी अच्छा समय है। अपने प्रियजनों के लिए या अपने लिए गिफ्ट खरीदने के लिए अपने बैंक के शॉपिंग प्वांइट की जांच करें। इसके अलावा, जांचें कि क्या आप कार्ड के साथ खरीदारी करते समय अतिरिक्त लाभ के लिए लॉयल्टी पॉइंट या डिस्काउंट कूपन का उपयोग कर सकते हैं।

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