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वित्त मंत्रालय ने जीएसटी के नियमों पर मांगे सुझाव

वित्त मंत्रालय ने नियमों का आठ सेट आज सार्वजनिक किया। वस्तु एवं सेवा कर के क्रियान्वयन के बाद ये नियम लागू होंगे।

Author नई दिल्ली | April 2, 2017 23:21 pm
1 जुलाई, 2017 से देश में जीएसटी लागू कर दिया गया है। (Photo-financialexpres)

वित्त मंत्रालय ने नियमों का आठ सेट रविवार को सार्वजनिक किया। वस्तु एवं सेवा कर के क्रियान्वयन के बाद ये नियम लागू होंगे। सरकार ने जीएसटी संरचना, जीएसटी मूल्यांकन, जीएसटी संक्रमण और जीएसटी आईटीसी पर चार नियमों के सेट जारी कर उद्योग से सुझाव मांगा है। जीएसटी परिषद की 31 मार्च को हुई बैठक में इन नियमों को ‘अस्थायी’ मंजूरी मिली थी। इसके अलावा, केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने जीएसटी इनवॉयस, जीएसटी भुगतान, जीएसटी रिफंड और जीएसटी पंजीकरण पर संशोधित नियमों का चार सेट जारी किया है। इन नियमों को परिषद की पिछली बैठक में अंतिम मंजूरी मिल गयी।

हालांकि सीबीईसी जीएसटी रिटर्न की फाइलिंग पर अंतिम नियमों को सार्वजनिक नहीं किया है। साथ ही सीबीईसी ने सीजीएसटी (केंद्रीय जीएसटी), एसजीएसटी (राज्य जीएसटी), अईजीएसटी (एकीकृत जीएसटी), यूटीजीएसटी (केंद्र शासित प्रदेश जाएसटी) तथा मुआवजा उपकर कानून के साथ जीएसटी परिषद द्वारा मंजूर नियमों के संदर्भ में अपनी वेबसाइट पर 223 पन्नो का बार-बार पूछे जाने वाले सवाल (एफएक्यू) जारी किया है।  लोकसभा ने पिछले महीने सीजीएसटी, आईजीएसटी, यूटीजीएसटी तथा मुआवजा विधेयक को मंजूरी दे दी। अब राज्य विधानसभाओं को संबंधित राज्य जीएसटी विधेयक को पारित करना है।

गौरतलब है कि बीते बुधवार यानी 30 मार्च को देश में ऐतिहासिक कर सुधार व्यवस्था ‘जीएसटी’ को लागू करने का मार्ग प्रशस्त करते हुए लोकसभा ने वस्तु एवं सेवा कर से जुड़े चार विधेयकों को मंजूरी दे दी थी। सरकार ने आश्वस्त किया कि नयी कर प्रणाली में उपभोक्ताओं और राज्यों के हितों को पूरी तरह से सुरक्षित रखने के साथ ही कृषि पर कर नहीं लगाया गया है।

लोकसभा ने बुधवार को केंद्रीय माल एवं सेवा कर विधेयक 2017 (सी जीएसटी बिल), एकीकृत माल एवं सेवा कर विधेयक 2017 (आई जीएसटी बिल), संघ राज्य क्षेत्र माल एवं सेवाकर विधेयक 2017 (यूटी जीएसटी बिल) और माल एवं सेवाकर (राज्यों को प्रतिकर) विधेयक 2017 को सम्मिलित चर्चा के बाद कुछ सदस्यों के संशोधनों को नामंजूर करते हुए ध्वनिमत से पारित कर दिया। धन विधेयक होने के कारण इन चारों विधेयकों पर अब राज्यसभा को केवल चर्चा करने का अधिकार होगा। पीएम मोदी ने इस मौके पर देशवासियों को बधाई दी है। देशवासियों को बधाई देते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘जीएसटी बिल पास होने पर सभी देशवासियों को बधाई। न्यू इयर, न्यू लॉ, न्यू इंडिया।’

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