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किसानों से खरीदी प्याज खुले बाजार में बेच रही मप्र सरकार

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों से खरीदे गए करीब 9.5 लाख टन प्याज को शनिवार से बेचना शुरू करते हुए उम्मीद जताई कि इसमें से 90 फीसद खेप अगले दो हफ्ते में बिक जाएगी।

Author इंदौर | July 24, 2016 5:02 AM
प्याज उत्पादक राज्यों के होलसेल और रिटेल बाजारों में भी इसकी कीमतें बहुत ज्यादा हैं।

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों से खरीदे गए करीब 9.5 लाख टन प्याज को शनिवार से बेचना शुरू करते हुए उम्मीद जताई कि इसमें से 90 फीसद खेप अगले दो हफ्ते में बिक जाएगी। प्रदेश के मुख्य सचिव एंटोनी डीसा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हमने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर किसानों से खरीदे गए प्याज की चार रुपए किलो की दर से बिक्री शुरू कर दी है। हमें उम्मीद है कि इसमें से 90 फीसद प्याज अगले दो हफ्ते में बिक जाएगी। उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता की जो प्याज बचेगी, हम उसे भंडारित कर लेंगे। इस प्याज की बिक्री सितंबर में की जाएगी। प्याज की कीमतें थोक बाजार में लुढ़कने के बाद किसानों को घाटे से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने चार जून से 30 जून के बीच किसानों से छह रुपए किलो की दर पर 1,04,000 टन प्याज की खरीद की थी।

यह खरीद मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के जरिए कराई गई थी। इस प्याज की बिक्री का जिम्मा भी इसी एजंसी को दिया गया है। मार्कफेड के महाप्रबंधक (खरीद) योगेश जोशी ने बताया कि खराब प्याज की छंटाई के बाद प्रदेश सरकार के पास करीब 9.5 लाख टन प्याज खुले बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध है। छह अगस्त तक चलने वाली इस बिक्री के लिए राज्य भर में 659 केंद्र बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि किसानों से खरीदे गए प्याज की नीलामी के लिए प्रदेश सरकार ने दो बार निविदा जारी की थी। दोनों बार नीलामी प्रक्रिया में 60 पैसे से लेकर तीन रुपए 16 पैसे तक की बोलियां लगाई गई थीं।

जोशी ने कहा- हमने तय किया है कि जिन लोगों ने तीन रुपए या इससे ज्यादा कीमत की बोली लगाई, उन्हें प्याज बेच दिया जाए। लेकिन इस मूल्य वर्ग की बोली लगाने वालों ने कुल सौ टन प्याज ही खरीदने की इच्छा जताई है। सूबे में प्याज की बंपर पैदावार के बाद मई में थोक मंडियों में इस सब्जी के भाव इस कदर गिर गए थे कि किसानों के लिए खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा था। इस स्थिति से नाराज किसानों ने विरोधस्वरूप सड़क पर प्याज फेंकने शुरू कर दिए थे। इन घटनाओं के बाद प्रदेश सरकार ने पहल करते हुए किसानों से प्याज खरीदा था।

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