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रिपोर्ट: बैलेंस शीट्स में फंसे हैं भारतीय कंपनियों के 1.8 ट्रिलियन से ज्‍यादा रुपये

विश्व के चार सबसे बड़े लेखा परीक्षकों में से एक अर्न्स्ट एंड यंग (EY) ने भारतीय कंपनियों से जुड़ी चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की है। जिसके मुताबिक भारतीय कंपनियों की बैलेंस शीट में 1.8 ट्रिलियन से ज्यादा धनराशि फंसी हुई है।

Author नई दिल्ली | Published on: March 11, 2018 8:09 PM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

विश्व के चार सबसे बड़े लेखा परीक्षकों में से एक अर्न्स्ट एंड यंग (EY) ने भारतीय कंपनियों से जुड़ी चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की है। जिसके मुताबिक भारतीय कंपनियों की बैलेंस शीट में 1.8 ट्रिलियन से ज्यादा धनराशि फंसी हुई है। रिपोर्ट में कंपनी ने कैश टू कैश दिनों की संख्या में चार प्रतिशत प्रतिशत की कमी की तरफ इशारा किया है। यहां बता दें कि कैश टू कैश वह संख्या होती है जो बिक्री को नकदी में कन्वर्ट करने से जुड़ी होती है। एक उच्च कैश टू कैश अल्पकालिक ऋण में बढ़ोत्तरी का कारण बन सकता है क्योंकि नकदी की कमी को नकारने के लिए उच्च पूंजी की आवश्यकता होती है।

रिपोर्ट यह बताती है कि नकदी प्रवाह के मामले में बड़ी कंपनियों को बेहतर स्थिति मिलती है। क्योंकि ये कंपनियां अपनी साख और प्रतिष्ठा को भुनार ज्यादा लाभ हासिल करने में सक्षम होती हैं। जबकि इस ममले में मध्य और छोटी स्तर की कंपनियों को संघर्ष करना पड़ता है। रिपोर्ट ने बड़ी और छोटी कंपनियों के बीच सी टू सी के लिहाज से 54 दिनों का अंतर दर्शाया है। रिपोर्ट में कैश टू कैश दिनों को लेकर तमाम सेक्टर्स पर भी रोशनी डाली गई है। जिसमें इंजीनियरिंग और ईपीसी सर्विसेज में कैश टू कैश का रेट सबसे ऊंचा है।

बता दें कि अर्न्स्ट एंड यंग (EY) विश्व की सबसे बड़ी पेशेवर सेवा कंपनियों में से एक मानी जाती है। यह कंपनी चार सबसे बड़े लेखा परीक्षकों में भी शुमार है। अर्न्स्ट एंड यंग का प्रसार दुनिया के 140 से अधिक देशों में है। इस संस्था का वैश्विक मुख्यालय लंदन में और अमेरिकी कंपनी का हेड ऑफिस 5 टाइम्स स्क्वायर,न्यूयॉर्क पर स्थित है।

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