Explained: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख पेंशन योजना है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) द्वारा नियत्रित यह योजना 1 जनवरी 2004 से सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य की गई थी, लेकिन अब यह सभी नागरिकों के लिए स्वैच्छिक है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य लोगों को रिटायरमेंट सेविंग के लिए अनुशासित दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

अगर आप भी NPS में निवेश कर रहे हैं या निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है कि जरूरत पड़ने पर आप कितना पैसा निकाल सकते हैं। NPS का मुख्य उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन देना है, इसलिए इसके नियम तय और नियंत्रित होते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में…

कितने तरह के होते है एनपीएस अकाउंट?

एनपीएस अकाउंट दो तरह (टीयर I और टीयर II) के होते हैं। आप अपनी वित्तीय जरूरतों के हिसाब से एक या दोनों अकाउंट में निवेश कर सकते हैं। टियर I में निवेश करना अनिवार्य है और टियर II में वोलंटरी है।

NPS से कब और कितना पैसा निकाल सकते हैं?

मौजूदा गाइडलाइन के मुताबिक, विड्रॉल के नियम मुख्य तौर पर टियर I एनपीएस पर लागू होते हैं।

एनपीएस टियर I विड्रॉल

विड्रॉल तीन तरह के होते हैं-

समय से पहले विड्रॉल

60 साल की उम्र में एनपीएस स्कीम मच्योर होती है। अगर मेच्योरिटी से पहले विड्रॉल करना है, तो यह 3 वर्ष पूरा होने के बाद लिया जाएगा और इसे प्रीमेच्योर एग्जिट कहा जाता है। प्रीमेच्योर विड्रॉल के नियम ये है कि आप जमा किए गए फंड में से 20% निकाल सकते हैं. फंड का बाकी 80% एन्युटी प्लान में निवेश करना होता है।

पार्शियल विड्रॉल

पार्शियल विड्रॉल यानी पॉलिसी अवधि के दौरान किसी भी समय विड्रॉल करना है। स्कीम अवधि के दौरान आप एनपीएस टियर I अकाउंट से 3 पार्शियल विड्रॉल कर सकते हैं।

मैच्योरिटी पर विड्रॉल

जब आपकी आयु 60 वर्ष हो जाती है तो एनपीएस निवेश तब मैच्योर होता है। आप एनपीएस के मैच्योरिटी के इन नियमों के आधार पर इस स्तर पर विड्रॉल का रिक्वेस्ट कर सकते हैं, आप जमा की गई राशि का 60 फीसदी तक निकाल सकते हैं और यह टैक्स फ्री है। बाकी 40 फीसदी को रिटायरमेंट के बाद पेंशन के लिए एन्युटी प्लान में जरूरी रूप से निवेश करना होगा।

एनपीएस विड्रॉल की ऑनलाइन प्रोसेस

– सबसे पहले एनएसडीएल – सीआरए की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
– यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करके लॉगिन करें।
– यहां ‘ट्रांज़ैक्ट ऑनलाइन’ के नाम से बने टैब को ढूंढें और ‘विड्रॉल ‘ विकल्प चुनें।
– आपको ‘टियर I से पार्शियल विड्रॉल ‘ विकल्प चुनना होगा।
– पैसे निकालने की वजह और फंड का प्रतिशत बताएं।
– इसके बाद’सबमिट करें’ पर क्लिक करें’।

सबमिट करने के बाद आपके रेफेरेंस के लिए एक फॉर्म जेनरेट किया जाता है। आगे की प्रोसेस के लिए यह फॉर्म निम्न दस्तावेजों के साथ एनपीएस नोडल ऑफिस में ले जाना होगा।

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

  • – पैन कार्ड
  • – आधार कार्ड
  • – बैंक खाते से जुड़ी जानकारी।
  • – केवाईसी दस्तावेज
  • – एनपीएस अकाउंट होल्डर द्वारा रेवेन्यू स्टाम्प पर क्रॉस-साइन की गई भरी हुई एडवांस स्टाम्प रिसीप्ट आदि।

एनपीएस टियर 2 उचित विकल्पों को सिलेक्ट करके सीआरए सिस्टम में लॉग इन करके विड्रॉल को इसी तरह ऑनलाइन प्रोसेस किया जा सकता है।

एनपीएस से 100% पैसा कब निकाल सकते हैं?

आप हर स्थिति में एनपीएस से 100% पैसा नहीं निकाल सकते हैं। हालांकि, PFRDA ने कुछ खास हालात में ग्राहकों को अपना शत-प्रतिशत फंड निकालने की परमिशन दी है। अगर आप 60 वर्ष या उससे ज्यादा की आयु में इस योजना से बाहर निकलते हैं और आपका कुल जमा फंड 5 लाख रुपये से कम या 5 लाख रुपये के बराबर है, तो आप पूरा पैसा एक साथ निकाल सकते थे।

इस सीमा को हालिया संशोधनों के बाद बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दिया गया है यानी आपका कुल फंड 8 लाख रुपये तक है तो आपको पेंशन के लिए एन्युटी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसका मतलब है कि आप पूरा पैसा निकाल सकते हैं।

इसके अलावा अगर किसी NPS ग्राहक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके अकाउंट में जमा पूरी राशि उसके नॉमिनी या कानूनी वारिस को सौंप दी जाती है।

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