Jansatta Explained: भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ाने के उद्देश्य से मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत का दूसरा दौर सोमवार से शुरू हो गया है। एक अधिकारी के मुताबिक, इस समझौते को आधिकारिक तौर पर व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) कहा जाता है।

क्या होता है FTA?

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ऐसा समझौता होता है, जिसमें दो देश आपसी व्यापार पर लगने वाले टैक्स और बाधाओं को कम या खत्म कर देते हैं, जिससे सामान का आयात-निर्यात सस्ता हो जाता है।

कैसे काम करता है FTA?

एफटीए से आयात-निर्यात पर लगने वाले कस्टम ड्यूटी कम या खत्म होती है और कंपनियों के लिए दूसरे देश में बिजनेस करना आसान होता है।

कब और कैसे शुरू हुई बातचीत?

समाचार एजेंसी भाषा ने के अनुसार, एक अधिकारी ने बताया, यह पांच दिवसीय बातचीत 4 मई से शुरू हुई, जबकि पहला दौर मार्च में आयोजित किया गया था। यह दौर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल इस माह के अंत तक वार्ता को गति देने के लिए कनाडा की यात्रा करेंगे।

यह वार्ता प्रक्रिया फिर से शुरू होने का संकेत भी है क्योंकि कनाडा ने 2023 में वार्ता को रोक दिया था। हालांकि अब दोनों ने पिछले दो वर्ष में वैश्विक व्यापार परिदृश्य में आए बदलावों को देखते हुए बातचीत को नए सिरे से शुरू करने का निर्णय लिया है।

क्या है लक्ष्य?

दोनों देशों ने एक बड़ा लक्ष्य तय किया है-

2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाना

फिलहाल स्थिति क्या है?

2024-25 में कुल व्यापार: 8.66 अरब डॉलर

– निर्यात: 4.22 अरब डॉलर
– आयात: 4.44 अरब डॉलर

कनाडा क्यों है अहम पार्टनर?

भारत के लिए कनाडा एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार माना जाता है, क्योंकि यह एक बड़ा और विकसित बाजार है। साल 2025 के अनुमान के मुताबिक कनाडा की आबादी करीब 4.165 करोड़ है, जो एक मजबूत उपभोक्ता बाजार बनाती है। वहीं इसकी अर्थव्यवस्था भी काफी बड़ी है, जिसका कुल आकार लगभग 2340 अरब डॉलर (GDP) है।

इसके अलावा, कनाडा में भारतीय समुदाय भी काफी मजबूत है। वहां 4.25 लाख से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्तों को और गहरा बनाते हैं। यही वजह है कि भारत के लिए कनाडा सिर्फ एक व्यापारिक पार्टनर नहीं, बल्कि एक रणनीतिक और लंबे समय का सहयोगी भी है।

भारत क्या निर्यात करता है?

– दवाइयां
– लोहा और इस्पात
– समुद्री उत्पाद
– सूती परिधान
– इलेक्ट्रॉनिक सामान
– रसायन

सेवा क्षेत्र में

– दूरसंचार सेवाएं
– कंप्यूटर और आईटी सेवाएं
– अन्य व्यावसायिक सेवाएं भी प्रमुख हैं

भारत क्या आयात करता है?

कनाडा से भारत जिन चीजों का आयात करता है, उनमें शामिल हैं:

– दालें
– मोती और अर्ध-कीमती पत्थर
– कोयला
– उर्वरक
– कागज
– कच्चा पेट्रोलियम

कौन कर रहा है नेतृत्व?

– भारत की ओर से: बृज मोहन मिश्रा (संयुक्त सचिव, वाणिज्य विभाग)
– कनाडा की ओर से: ब्रूस क्रिस्टी (मुख्य वार्ताकार)

यह भी पढ़ें: न्यूजीलैंड संग हुए नए व्यापार समझौते से भारत को क्या लाभ होगा

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। इस समझौते के जरिए भारत के कई सामान अब न्यूजीलैंड में बिना टैक्स के निर्यात किए जा सकेंगे। इस समझौते के बाद भारत द्वारा न्यूजीलैंड को किया जाने वाला एक्सपोर्ट काफी बढ़ने की उम्मीद है। खास तौर पर कपड़ा, दवा, खेती और छोटे कारोबार से जुड़े सेक्टर को इसका सीधा फायदा मिल सकता है क्योंकि उन्हें नया बाजार मिलेगा। यह डील भारत में ज्यादा उत्पादन, निवेश और नौकरियों के अवसर बढ़ा सकती है। आइए इस समझौते के बारे में विस्तार से जानते हैं…