Jansatta Explained: भारतीय शेयर बाजार में साल 2026 में रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम शाखा रिलायंस जियो (Reliance Jio) का आईपीओ अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन सकता है।

ब्लूमबर्ग की एक हालिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कंपनी मई 2026 में SEBI को जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा कर सकती है। हालांकि, Jansatta.com इस खबर की पुष्टि नहीं कर सका। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले RIL समूह की ओर से IPO को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है ।

जियो आईपीओ से जुड़ी कुछ जरूरी बातें

– ड्राफ्ट जमा करने का समय: संभावित मई 2026
– इश्यू साइज: संभावित 40,000 करोड़ से 50,000 करोड़ रुपये तक)
– OFS की संभावना: जनसत्ता के सहयोगी फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) हो सकता है।
– बैंकर्स: इश्यू के प्रबंधन में 19 बैंकरों के शामिल होने की संभावना है।

किसे मिलता है IPO का पैसा?

कोई कंपनी जब आईपीओ लाती है तो पैसा दो तरीके (ताजा इश्यू, बिक्री की पेशकश) से जा सकता है।

Fresh Issue (ताजा इश्यू)

कोई कंपनी अगर नए शेयर जारी करती है, तो पैसा सीधे कंपनी के पास जाता है। इस पैसे का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने या विस्तार के लिए करती है।

Offer for Sale (OFS – बिक्री की पेशकश)

अगर मौजूदा निवेशक (प्रमोटर, निजी इक्विटी फंड) अपने शेयर बेचते हैं, तो पैसा निवेशकों को मिलता है, न कि कंपनी को मिलता है।

अगर हम जियो आईपीओ के मामले की बात करें तो यह OFS होने की संभावना है, जिससे मौजूदा निवेशकों को फायदा हो सकता है।

इस वर्ष आने वाले अन्य बड़े आईपीओ

NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज)

निवेशकों को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ का भी काफी लंबे वक्त से इंतजार है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका आईपीओ लगभग 20,000 करोड़ रुपये का हो सकता है और इसके लिए करीब 20 मर्चेंट बैंकर्स काम कर रहे हैं।

Zepto

क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो भी जून-जुलाई 2026 के बीच अपना आईपीओ लाने की योजना बना रही है। जेप्टो करीब 11,000 से 12,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है और इसकी वैल्यूएशन 5 से 7 अरब डॉलर के बीच हो सकती है।

Flipkart

Flipkart भी 2026 में अपना IPO लाने की योजना में है।

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दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड ने सोमवार को बताया कि कंपनी के डीमर्जर का फैसला 1 मई 2026 से लागू होगा। इस कदम के बाद अब वेदांता एक अकेली कंपनी न रहकर पांच अलग-अलग कंपनियों के रूप में पहचानी जाएगी यानी अगर आपके पास वेदांता का एक शेयर है, तो आने वाले समय में आपके पोर्टफोलियो में नई कंपनियों के शेयर भी जुड़ जाएंगे। यहां पढ़ें पूरी खबर…

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