Jansatta Explained: भारत और न्यूजीलैंड के बीच 27 अप्रैल को हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है। इस समझौते के जरिए भारत के कई सामान अब न्यूजीलैंड में बिना टैक्स के निर्यात किए जा सकेंगे। इस समझौते के बाद भारत द्वारा न्यूजीलैंड को किया जाने वाला एक्सपोर्ट काफी बढ़ने की उम्मीद है। खास तौर पर कपड़ा, दवा, खेती और छोटे कारोबार से जुड़े सेक्टर को इसका सीधा फायदा मिल सकता है क्योंकि उन्हें नया बाजार मिलेगा।
यह डील भारत में ज्यादा उत्पादन, निवेश और नौकरियों के अवसर बढ़ा सकती है। आइए इस समझौते के बारे में विस्तार से जानते हैं…
100% ड्यूटी-फ्री एक्सपोर्ट से बड़ा फायदा
भारत के FTA में शामिल निर्यात को न्यूजीलैंड में 100% ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा, जबकि भारत ने अपने संवेदनशील क्षेत्रों को संरक्षण दिया है। भारतीय एक्सपोर्ट पूरी तरह सस्ते और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। खासकर टेक्सटाइल, कपड़े, लेदर, जूते, जेम्स-ज्वेलरी, इंजीनियरिंग सामान और प्रोसेस्ड फूड जैसे सेक्टर को सीधा फायदा मिलेगा।
पहले न्यूजीलैंड भारत के कई प्रोडक्ट्स (जैसे सिरेमिक, कालीन, ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स) पर 10% तक टैक्स लगाता था। अब यह टैक्स खत्म हो जाएगा, जिससे भारतीय सामान वहां के बाजार में दूसरे देशों के बराबर प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे। इससे भारत के कारीगरों, छोटे कारोबारियों, महिलाओं और युवाओं को सीधे फायदा मिलेगा और उनका काम वैश्विक स्तर पर मजबूत होगा।
इस डील से भारत को सिर्फ एक्सपोर्ट में ही नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग में भी फायदा मिलेगा। न्यूजीलैंड से लकड़ी के लट्ठे, कोकिंग कोल और मेटल स्क्रैप जैसे जरूरी कच्चे माल अब बिना ड्यूटी के मिलेंगे। इससे उत्पादन की लागत घटेगी और भारतीय उद्योग दुनिया के बाजार में और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन पाएंगे।

संवेदनशील सेक्टर को सुरक्षित रखा गया है
भारत ने 70.03% टैरिफ लाइनों पर ड्यूटी कम/खत्म करने का ऑफर दिया है, जिससे कुल 95% व्यापार वैल्यू कवर होती है।
वहीं 29.97% टैरिफ लाइनों को बाहर रखा गया है, ताकि देश के संवेदनशील सेक्टर सुरक्षित रहें।
किन चीजों को बाहर रखा गया है
- – डेयरी प्रोडक्ट्स (दूध, क्रीम, दही, मट्ठा, पनीर आदि)
- – पशु उत्पाद (भेड़ के मांस के अलावा)
- – कृषि उत्पाद (प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम आदि)
- – चीनी और आर्टिफिशियल हनी
- – फैट्स और ऑयल (पशु, वनस्पति या माइक्रोबियल)
- – हथियार और गोला-बारूद
- – रत्न और आभूषण
- – तांबा और उससे बनी वस्तुएं (कैथोड, कारतूस, छड़ें, कॉइल आदि)
- – एल्युमीनियम और उससे बनी वस्तुएं (पिंड, बिलेट, तार की छड़ें) आदि।
भारत ने इस सेक्टर्स को पूरी तरह सुरक्षित रखा है।

तुरंत फायदा
करीब 30% टैरिफ लाइनों पर तुरंत ड्यूटी खत्म होगी, जैसे:
– लकड़ी
– ऊन
– भेड़ का मांस
– चमड़ा-कच्ची खाल आदि।
धीरे-धीरे ड्यूटी खत्म
लगभग 35.60% प्रोडक्ट्स पर 3, 5, 7 और 10 वर्षों में धीरे-धीरे ड्यूटी हटेगी, जैसे:
– पेट्रोलियम तेल
– माल्ट का अर्क
– वनस्पति तेल
– चुनिंदा विद्युत
– यांत्रिक मशीनरी
– पेप्टोन आदि
करीब 4.37% प्रोडक्ट्स पर सिर्फ ड्यूटी कम होगी
– शराब
– फार्मास्युटिकल दवाएं
– पॉलिमर
– एल्युमीनियम
– लोहा और इस्पात से बने सामान आदि।
कोटा सिस्टम
सिर्फ 0.06% प्रोडक्ट्स को कोटा सिस्टम में रखा गया है:
– मैनुका हनी
– सेब
– कीवी फल
– मिल्क एल्ब्यूमिन

भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट
भारत-न्यूजीलैंड के बीच वार्ता 2010 में शुरू हुई थी लेकिन नौ राउंड के बाद इसे साल 2015 में रोक दिया गया था। इसे मार्च 2025 में फिर से शुरू किया गया और पिछले साल यानी दिसंबर 2025 में इसे अंतिम रूप दिया गया। 16 मार्च, 2025 को शुरू हुए इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) ने रिकॉर्ड नौ महीनों में संपन्न होकर दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय स्थापित किया है।
इस समझौते से भारतीय निर्यातकों को द्वीपीय देश के बाजार में अपने उत्पादों के लिए शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी और अगले 15 वर्ष में करीब 20 अरब डॉलर का निवेश आने की उम्मीद है।
द्विपक्षीय व्यापार
भारत -न्यूजीलैंड के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में दोनों देशों के बीच सामान और सेवाओं का कुल व्यापार लगभग 2.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं FY 2024-25 में सिर्फ सामान का व्यापार 1.3 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 49% ज्यादा है।
अब जब दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो चुका है, तो आने वाले समय में व्यापार और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत:
– कई चीजों पर टैक्स (टैरिफ) खत्म या कम होंगे।
– सेवाओं के लिए बेहतर मौके मिलेंगे।
– करीब 20 अरब डॉलर का निवेश आने की संभावना है।
– और व्यापार को मजबूत बनाने के लिए बेहतर सिस्टम बनाए जाएंगे।
भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर पीएम मोदी ने क्या कहा?
भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर पीएम मोदी ने सोमवार को X (Twitter) पर लिखा, “मुझे खुशी है कि आज जिस भारत-न्यूजीलैंड FTA पर हस्ताक्षर हुए हैं, वह हमारी विकास साझेदारी को अभूतपूर्व गति देगा। यह उस गहरे भरोसे, साझा मूल्यों और महत्वाकांक्षा को दर्शाता है जो हमारे दोनों देशों को आपस में जोड़ते हैं।
इस समझौते से हमारे किसानों, युवाओं, महिलाओं, MSMEs, कारीगरों, स्टार्टअप्स, छात्रों और इनोवेटर्स को बहुत फायदा होगा। यह विकास के नए रास्ते खोलेगा, अवसर पैदा करेगा और विभिन्न क्षेत्रों में हमारे तालमेल को और गहरा करेगा।
न्यूजीलैंड द्वारा 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता कृषि, विनिर्माण, इनोवेशन और टेक के क्षेत्रों में हमारे सहयोग को और मजबूत करेगी, जिससे दोनों देशों के लिए एक अधिक समृद्ध और गतिशील भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा।”
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भारत और न्यूजीलैंड ने सोमवार, 27 अप्रैल को नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत की वैश्विक आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत-न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (IN-NZ FTA) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूज़ीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने हस्ताक्षर किए। यहां पढ़ें पूरी खबर…
