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पेट्रोल-डीजल पर टैक्स और बढ़ाने की तैयारी में सरकार, कोरोना फंड जुटाने के लिए जनता पर बढ़ेगा बोझ

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का यह सबसे सही समय है। इसकी वजह यह है कि भारत में बीते एक महीने से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।

petrol diesel excise taxपेट्रोल डीजल पर बढ़ सकता है एक्साइज टैक्स

कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते पैदा हुए आर्थिक संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार जनता पेट्रोल और डीजल पर टैक्स बढ़ा सकती है। सरकार की ओर से दोनों ही ईंधनों पर एक्साइज ड्यूटी में 3 से 6 रुपये तक का इजाफा किया जा सकता है। आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार कोरोना संकट से पैदा हुए हालात से निपटने के लिए और संसाधन जुटाने की तैयारी में है। यदि पेट्रोल और डीजल की एक्साइज ड्यूटी में यह इजाफा किया जाता है तो इससे पूरे वित्त वर्ष के दौरान कुल 60,000 करोड़ रुपये की रकम हासिल हो सकती है। यदि मौजूदा वित्त वर्ष की बात करें तो मार्च तक सरकार इससे 30,000 करोड़ रुपये की रकम जुटा सकती है।

सूत्रों के मुताबिक एक्साइज ड्यूटी तय करने के लिए सरकार के स्तर पर मीटिंगों का दौर जारी है और जल्दी ही इसकी तारीख पर फैसला लिया जा सकता है। दरअसल सरकार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के लिए ही यह भी तय करना चाहती है कि इसका असर पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतों पर न पड़े। सरकार का मानना है कि यदि ऐसा होता है तो देश में महंगाई दर बढ़ जाएगी, जो अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का यह सबसे सही समय है। इसकी वजह यह है कि भारत में बीते एक महीने से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।

फिलहाल वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत 40 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है, जबकि एक महीने पहले यह दर 45 डॉलर प्रति बैरल थी। बता दें कि इसी साल मार्च महीने में केंद्र सरकार ने संसद से पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 18 रुपये और डीजल पर 12 रुपये बढ़ाने का अधिकार हासिल किया था। इसके बाद मई में सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में 12 रुपये का इजाफा किया था। इसके अलावा डीजल पर 9 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। अब सरकार एक बार फिर से पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 6 रुपये तक बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके अलावा डीजल पर 3 रुपये की बढ़ोतरी की जा सकती है।

हालांकि अब तक सरकार की ओर से इस प्रस्ताव पर विचार ही किया जा रहा है। सरकार के रणनीतिकारों का मानना है कि यह समय एक्साइज ड्यूटी में इजाफा करने का सही समय है। इसकी वजह यह है कि यदि फिलहाल टैक्स बढ़ाया जाता है तो पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतों में कोई अंतर नहीं आएगा। लेकिन टैक्स में इजाफा होने से भारत पेट्रोल और डीजल पर टैक्स लगाने वाले देशों में और आगे हो जाएगा। फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल पर देश में 70 फीसदी टैक्स लगता है। यदि फिर से इजाफा होता है तो यह दर 75 से 80 फीसदी हो सकता है।

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