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यूरोप-अमेरिका व्यापार समझौते पर जर्मनी-फ्रांस बंटे

अट्ठाइस सदस्य देशों वाले यूरोपीय संघ और अमेरिका ने टीटीआईपी पर 2013 में बातचीत शुरू की थी ताकि अंध महासागर के दोनों तरफ के इन भूभागों के बीच एक मुक्त व्यापार क्षेत्र का निर्माण हो सके।

Author पेरिस | September 2, 2016 4:00 PM
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के जर्मनी दौरे से पहले हैनोवर में स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी की शक्ल में अमेरिकी झंडा लपेटे एक व्यक्ति और साथ में लोगों का समूह टीटीआईपी के विरोध में प्रदर्शन करता हुआ। (AP Photo/Markus Schreiber.file)

अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित नए व्यापार समझौते पर संघ के दो प्रमुख सदस्य फ्रांस और जर्मनी के बीच मतभेद उभर कर सामने आ गया है। फ्रांस ने व्यापार वार्ता रोकने की मांग की है जबकि जर्मनी इसे जारी रखने के पक्ष में है। फ्रांस के प्रधानमंत्री मैनुअल वाल्स ने ट्रांस-अटलांटिक व्यापार एवं निवेश भागीदारी (टीटीआईपी) पर बातचीत ‘स्पष्ट रोक’ लगाए जाने की मांग की है जबकि जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने गुरुवार (1 सितंबर) को कहा था कि वह प्रस्तावित समझौते की वार्ता के पक्ष में हैं। अट्ठाइस सदस्य देशों वाले यूरोपीय संघ और अमेरिका ने टीटीआईपी पर 2013 में बातचीत शुरू की थी ताकि अंध महासागर के दोनों तरफ के इन भूभागों के बीच एक मुक्त व्यापार क्षेत्र का निर्माण हो सके।

इस योजना के अनुसार अमेरिका और यूरोपीय संघ का यह मुक्त बाजार 85 करोड़ की आबादी वाला बाजार होगा। एंजेला ने गुरुवार को कहा था कि एशिया सहित कई क्षेत्रों ने अमेरिका के साथ ऐसे समझौते किए हैं, ऐसे में यूरोप पीछे नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि ‘मेरा दृढ़ विश्वास है कि इस तरह के समझौते से हमारे यहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और हमें इस समय यूरोप में रोजगार बढ़ाने की बहुत जरूरत है।’ इसके विपरीत फ्रांस के प्रधानमंत्री वाल्स ने इस समझौते पर बातचीत तत्काल रोकने की मांग करते हुए कहा, ‘इस समय इसमें जिस तरह के प्रस्ताव वार्ता की मेज पर रखे गए हैं, वे अस्वीकार्य हैं। हमें इस पर ‘स्पष्ट विराम’ लगाने की जरूरत है ताकि हम एक नए आधार के साथ फिर से बातचीत शुरू कर सकें।’

फ्रांस के व्यापार विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री वाल्स ने यह बात फ्रांसीसी राजदूतों को संबोधित करते हुए कही। विभाग के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रांस ने शुरू से ही कुछ मांगें रखी थीं लेकिन हम अब इस स्थिति पर निगाह डालते हैं तो पाते हैं कि हमारी बातों पर गौर नहीं किया जा रहा है। व्यापार वार्ताओं में शामिल फ्रांस के कनिष्ठ व्यापार मंत्री ने भी कुछ दिन पहले इसी तरह की टिप्पणी की थी। इस मुद्दे पर एंजेला ने ऐसे समय हस्तक्षेप किया है जबकि उनकी सरकार में डिप्टी चांसलर एवं आर्थिक मामलों के मंत्री सिंगमार गैब्रिएल ने कहा था कि टीटीआई पर वार्ताएं एक तरह से मृतप्राय हैं।

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