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नियोक्ताओं के सत्यापन के बिना भी पेंशन तय कर सकता है ईपीएफओ

फिलहाल कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) 1995 के तहत अंशधारकों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन लाभ के लिये अपने आवेदन को नियोक्ता से सत्यापन कराना होता है।

Author नई दिल्ली | August 19, 2016 12:04 AM
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ)

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने अंशधारकों के लिए बिना नियोक्ताओं के सत्यापन के पेंशन तय करने को लेकर सरलीकृत सार्वभौमिक खाता संख्या आधारित फार्म 10-डी पेश किया है। फिलहाल कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) 1995 के तहत अंशधारकों को सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन लाभ के लिये अपने आवेदन को नियोक्ता से सत्यापन कराना होता है। ईपीएफओ ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘सरलीकृत यूएएन (सार्वभौमिक खाता संख्या) आधारित पेंशन दावा फार्म 10-डी-यूएएन पेश किया गया है।’

बयान के अनुसार उक्त दावा फार्म को वे सदस्य उपयोग कर सकते हैं जिनकी आधार संख्या और बैंक ब्योरा यूएएन से जुड़ा है और डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग करते हुये नियोक्ता द्वारा सत्यापित किया गया है। साथ ही कर्मचारी ब्योरा फॉर्म-11 (नया) में उपलब्ध हो। नए फॉर्म को नियोक्ता से सत्यापन की आवश्यकता नहीं है और उसे सीधे ईपीएफओ कार्यालयों में जमा किया जा सकता है। अब तक 7.34 यूएएन ईपीएफ सदस्यों को आबंटित किए गए हैं।

ईपीएफओ ने अपने पूर्व के निर्णय को क्रियान्वित करने की भी जानकारी दी है। इसके तहत उन अंशधारकों को अधिक पेंशन मिलेगा जो 58 साल के बजाए 60 साल पूरा होने के बाद पेंशन लेने का फैसला करते हैं। इसमें कहा गया है, ‘ईपीएफ सदस्यों के पास अब अपना पेंशन लाभ बढ़ाने का विकल्प है। लाभ उन सदस्यों के लिए उपलब्ध है जो 58 के बजाए 60 साल में पेंशन लेने का विकल्प चुनते हैं। इस दौरान वे योगदान देने या नहीं देने का विकल्प चुन सकते हैं।’

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