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EPFO: 6.3 लाख पेंशनरों को मिली बड़ी राहत, EPS के तहत मिलेगी यह सहूलियत

हैदराबाद में सीबीटी मीटिंग में इसका फैसला लिया गया है। बैठक की अध्यक्षता सीबीटी के भी चेयरमेन और श्रम और रोजगार राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने की।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फोटो सोर्स- Reuters)

देशभर के करीब 6.3 लाख पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) कर्मचारी पेंशन योजना के तहत कम्युटेशन व्यवस्था को फिर से बहाल करने का फैसला लिया है। हैदराबाद में सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (सीबीटी) की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में सीबीटी ने ईपीएस 1995 में एक अहम बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

प्रस्‍ताव में 15 वर्ष तक पेंशन की राशि में कुछ हिस्सा एकमुश्त लेने की व्यवस्था (कम्‍युटेशन) लेने के बाद पेंशन की कम्‍युटेड वैल्‍यू को लागू करने का प्रावधान किया गया है। काफी लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। इस फैसले की मंजूरी के बाद पेंशन की एक तिहाई राशि एकमुश्त ले चुके प्राइवेट सेक्टर के पेंशनधारकों को 15 साल की अवधि के बाद पूरी पेंशन मिलने लगेगी।

हैदराबाद में सीबीटी मीटिंग में इसका फैसला लिया गया है। बैठक की अध्यक्षता सीबीटी के भी चेयरमेन और श्रम और रोजगार राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने की। बैठके के बाद बयान जारी कर कहा गया ‘सीबीटी की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। बोर्ड ने कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) 1995 में 15 वर्ष तक कम्‍युटेशन लेने के बाद पेंशन की कम्‍युटेड वैल्‍यू को लागू करने का प्रावधान किया गया है। इस फैसले से करीब 6.3 लाख पेंशनधारकों को फायदा पहुंचेगा।’

मालूम हो कि 15 साल पहले तक यह व्यवस्था लागू थी। इसमें पेंशन की एक तिहाई राशि एकमुश्त ले चुके पेंशनर्स को 15 साल की अवधि के बाद पूरी पेंशन मिलती थी। इस व्यवस्था को खत्म करने के बाद पेंशनर्स लंबे समय से सरकार से इसे फिर से लागू करने की मांग कर रहे थे। हालांकि बैठक में पेशनर्स की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग पर कोई फैसला नहीं लिया गया। उम्मीद जताई जा रही थी कि बैठक में पेंशनर्स की पेशन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है।

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