EPFO 3.0 के जरिए सरकार कर्मचारी भविष्य निधि (PF) सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल और यूजर-फ्रेंडली बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। संसद में दी गई जानकारी के मुताबिक, इस नए सिस्टम का उद्देश्य क्लेम सेटलमेंट को तेज करना, कागजी प्रक्रिया को खत्म करना और एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि करोड़ों सदस्य अपने पीएफ और पेंशन से जुड़े काम आसानी और पारदर्शिता के साथ कर सकें।
लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए, श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि EPFO 3.0 को “कामकाज को आसान बनाने और कागजी काम कम करने” के लिए बनाया गया है, जिससे सदस्य एक ही प्लेटफॉर्म के जरिए अपने खाते मैनेज कर सकेंगे।
सेंट्रलाइज्ड पेंशन सिस्टम
EPFO 3.0 के तहत सबसे बड़े बदलावों में से एक सेंट्रलाइज़्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) की शुरुआत है। सरकार ने बताया कि यह सिस्टम 1 जनवरी, 2025 से सभी EPFO ऑफिसेज में पूरी तरह से लागू हो गया है।
अब पेंशन का भुगतान एक ही जगह से किया जाता है और पूरे भारत में किसी भी शेड्यूल्ड बैंक की शाखा से भुगतान लिया जा सकता है। हर महीने 70 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों को इसका फायदा मिलता है।
जवाब के मुताबिक, CPPS “पेंशन भुगतान में तेजी” सुनिश्चित करता है, जिससे उन देरी और गलतियों में कमी आती है जिनका सामना पेंशनभोगियों को पहले अक्सर करना पड़ता था।
5 लाख रुपये तक के क्लेम का ऑटो-सेटलमेंट
ऑटो-निपटारे की सीमा जून 2025 से 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।
इसका असर काफी अहम रहा है-
– 5 लाख रुपये तक के 3.52 करोड़ से ज्यादा दावों का अपने-आप निपटारा हो गया।
– लगभग 71.37% एडवांस दावों को ऑटो मोड में प्रोसेस किया गया।
– लगभग 51,620 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
अब हुआ पीएफ ट्रांसफर आसान
EPF सदस्यों के लिए नौकरी बदलना अब काफी कम तनाव भरा होगा। EPFO ने 19 जनवरी, 2025 से एक आसान ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू की है। ज्यादातर मामलों में ट्रांसफर के दावे मैन्युअल रूप से जमा करने की जरूरत नहीं है, KYC-पूरी करने वाले खातों के लिए एम्प्लॉयर की मंजूरी की शर्त हटा दी गई है और कई मामलों में ट्रांसफ़र अपने-आप हो जाता है।
संसद में शेयर किए गए डेटा से पता चलता है कि 70.5 लाख से ज्यादा ट्रांसफर क्लेम अपने-आप शुरू हो गए और 21.39 लाख से ज्यादा ट्रांसफर बिना एम्प्लॉयर के दखल के पूरे हो गए यानी जब आप नौकरी बदलते हैं, तो आपका PF बैलेंस अब बिना किसी देरी या कागजी कार्रवाई के आसानी से ट्रांसफर हो सकता है।
आपके लिए क्या है EPFO 3.0 का मतलब
– जल्दी क्लेम सेटलमेंट (5 लाख रुपये तक)
– नौकरी बदलते समय बिना किसी दिक्कत के पीएफ ट्रांसफर
– एक सेंट्रलाइज्ड सिस्टम के जरिए समय पर पेंशन का भुगतान
– एम्प्लॉयर्स पर निर्भरता में कमी।
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