EPFO 3.0 Claim Settlement : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organisation) अपने नए डिजिटल प्लेटफॉर्म EPFO 3.0 के जरिए मेंबर्स को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। सरकार ने संसद में बताया है कि इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद पीएफ से जुड़े क्लेम का निपटारा 20 दिन की जगह सिर्फ 3 दिन में हो सकेगा। खास बात यह है कि यह प्रक्रिया ऑटो मोड में होगी, यानी मैनुअली दखल देने की जरूरत तक नहीं पड़ेगी।
EPFO 3.0 क्या है
EPFO 3.0 को संगठन का बड़ा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इसका मकसद मेंबर्स और संस्थानों दोनों के लिए सर्विसेज को आसान और तेज बनाना है। सरकार के मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म में इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड कोर बैंकिंग सिस्टम आधारित सर्विसेज जोड़ी जाएंगी। इससे कागजी काम कम होगा और मेंबर्स अपने सोशल सिक्योरिटी अकाउंट को ज्यादा आसानी से मैनेज कर सकेंगे।
क्लेम सेटलमेंट में कैसे आएगी तेजी
राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलजे ने कहा,
“जो क्लेम रिस्क मैनेजमेंट से जुड़े जरूरी चेक और वैलिडेशन को पूरा कर लेंगे, उन्हें ऑटो मोड में प्रोसेस किया जाएगा। इससे मैनुअल सेटलमेंट में लगने वाला समय 20 दिन तक से घटकर 3 दिन से भी कम रह जाएगा।”
सरकार का कहना है कि सिस्टम में ऐसे नियम और तकनीकी जांच शामिल होंगी, जिनसे सही पाए गए क्लेम अपने आप निपटा दिए जाएंगे। इससे कर्मचारियों को क्लेम के पैसे मिलने में होने वाली देरी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी सभी सुविधाएं
EPFO 3.0 का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि मेंबर्स को अलग-अलग सर्विसेज के लिए अलग-अलग सिस्टम पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पीएफ अकाउंट से जुड़ी जानकारी, क्लेम प्रोसेसिंग समेत तमाम सर्विसेज एक यूनिफाइड प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी।
शोभा करंदलजे के मुताबिक, “EPFO 3.0 एक बड़ा डिजिटल बदलाव है, जिसका मकसद प्रॉसेस को आसान बनाना, कागजी काम घटाना और मेंबर्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी सर्विसेज उपलब्ध कराना है।”
शिकायतों पर भी रहेगी नजर
सरकार ने संसद में यह भी बताया कि नए फीचर्स कितने असरदार तरीके से लागू किए जा रहे हैं, इस पर नजर रखने के लिए पूरे सिस्टम की नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है। इसके तहत जोनल और फील्ड ऑफिस स्तर पर शिकायतों के निपटारे की क्वॉलिटी और संख्या दोनों की जांच की जाती है। साथ ही समस्याओं की जड़ तक जाकर सिस्टम में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं, ताकि आगे चलकर क्लेम प्रोसेसिंग और तेज हो सके।
UAN से जुड़ी नई सुविधा
मंत्री ने यह भी बताया कि अप्रैल 2025 में आधार फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी के जरिए यूएएन जनरेशन और एक्टिवेशन की सुविधा शुरू की गई थी। उन्होंने कहा, “यह कॉन्टैक्टलेस और सुरक्षित सर्विस है, जो EPFO मेंबर्स को पूरी तरह डिजिटल और बिना किसी झंझट के काम हो जाने का एहसास कराती है।” यह कदम भी EPFO 3.0 की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
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कब तक लॉन्च होंगी नई सुविधाएं
माना जा रहा है कि EPFO 3.0 के तहत घोषित की गई नई सुविधाएं इसी साल लॉन्च हो जाएंगी। इनमें सबसे ज्यादा इंतजार यूपीआई के जरिये ईपीएफ के पैसे निकालने की सुविधा (UPI-linked EPF withdrawal) का हो रहा है, जिसके अप्रैल 2026 तक शुरू हो जाने की उम्मीद की जा रही है। अगर ऐसा होता है, तो करोड़ों पीएफ मेंबर्स के लिए क्लेम सेटलमेंट की प्रॉसेस पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो सकती है।
(डिस्क्लेमर : यह जानकारी संसद में सरकार की तरफ से दिए गए बयान पर आधारित है। किसी मेंबर के व्यक्तिगत क्लेम के सेटलमेंट की स्थिति उनके दस्तावेज़ों और EPFO के नियमों पर निर्भर करती है।)
