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जियो के लिए काफी इंटरकनेक्ट पॉइंट, और बढ़ा सकते हैं: बीएसएनएल

मोबाइल ऑपरेटर द्वारा प्रत्येक इनकमिंग कॉल के लिए इंटरकनेक्शन शुल्क लिया जाता है।

Author नई दिल्ली | September 16, 2016 7:02 PM
रिलायंस जियो 4जी। (फाइल फोटो)

नई कंपनी रिलायंस जियो तथा मौजूदा ऑपरेटरों के बीच कनेक्टिविटी के मुद्दे पर विवाद जारी है। इन सबके बीच सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत संचार निगम लि. (बीएसएनएल) ने कहा है कि उसने रिलायंस जियो को पर्याप्त इंटरकनेक्ट पॉइंट उपलब्ध कराए हैं और जरूरत के हिसाब से वह इसे और बढ़ा सकती है। बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने कहा कि जियो की ओर से पॉइंट ऑफ इंटरकनेक्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए कोई नया आग्रह नहीं आया है। यदि वे इस बारे में पूछताछ करते हैं तो हम इसकी क्षमता बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने जियो को पर्याप्त इंटरनकनेक्ट पॉइंट उपलब्ध कराए हैं। जियो जहां वॉयस कॉल मुफ्त दे रही है, पर जबकि ये कॉल्स बीएसएनएल के नेटवर्क पर आती हैं तो हमें इंटरकनेक्टिविटी शुल्क के रूप में 14 पैसे मिलते हैं। ऐसे में यह हमारे लिए व्यावसायिक रूप से फायदेमंद है।’

दूरसंचार नेटवर्क के लिए इंटरकनेक्शन महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे मोबाइल ग्राहक अन्य आपरेटरों के उपभोक्ताओं को कॉल कर सकते हैं। मोबाइल ऑपरेटर द्वारा प्रत्येक इनकमिंग कॉल के लिए इंटरकनेक्शन शुल्क लिया जाता है। बीएसएनएल ने जून, 2016 में 13.02 लाख नए वायरलेस ग्राहक जोड़े। भारती एयरटेल के बाद यह आंकड़ा सबसे अधिक है। कंपनी ने कहा है कि जियो से आने वाले ट्रैफिक की वजह से उसे अपने नेटवर्क पर कॉल जाम जैसी स्थिति देखने को नहीं मिली है।

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