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बिड़ला, पारख के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सबूत मौजूद हैं: सीबीआई

नई दिल्ली। केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने आज दिल्ली की एक अदालत को बताया कि कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले से जुड़े एक मामले में कुछ निजी कंपनियों और लोक सेवकों के खिलाफ मामला आगे बढ़ाने के पहली नजर में काफी साक्ष्य मौजूद हैं जिसमें उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पी.सी. पारख का नाम […]

Author November 10, 2014 9:53 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने आज दिल्ली की एक अदालत को बताया कि कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले से जुड़े एक मामले में कुछ निजी कंपनियों और लोक सेवकों के खिलाफ मामला आगे बढ़ाने के पहली नजर में काफी साक्ष्य मौजूद हैं जिसमें उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पी.सी. पारख का नाम अभियुक्तों में दर्ज है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी।

बहस में सुनवाई के दौरान, विशेष लोक अभियोजक ने कहा, सभी तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए मामले में रद्द किये गये कोयला ब्लॉकों की आवंटन प्रक्रिया में शामिल कुछ निजी पार्टियों और लोकसवकों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम और आईपीसी धाराओं के तहत मुकदमा चालने के लिए पहली नजर में काफी साक्ष्य मौजूद हैं।

विशेष सीबीआई न्यायधीश भरत पराशर ने कहा, ‘‘इससे संबंधित काम के विभिन्न दस्तावेजों की एक फाइल तैयार कर ली गई है जो तैयार संदर्भ का काम करेगी। इस मामले में अब 25 नवंबर 2014 को विचार होगा।’’

मामले में सीबीआई के लिये उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) आर.एस. चीमा ने न्यायधीश के समक्ष कहा कि मामले को बंद करने वाली क्लोजर रिपोर्ट में उल्लेख किये गए अपराधों पर अदालत संज्ञान ले सकती है क्योंकि इसमें अभियुक्तों की संलिप्तता दर्शाने के लिए पहली नजर में ही सबूत दिखाई देते हैं।

सुनवाई के दौरान चीमा ने सीबीआई अभियोजक वी.के. शर्मा और ए.पी. सिंह के साथ कहा, ‘‘हम क्लोजर रिपोर्ट पर संज्ञान लेने का आग्रह कर रहे हैं, क्योंकि इसमें अभियुक्तों की संलिप्तता के सबूत हैं।’’

कोयला ब्लॉक आवंटन मामलों की सुनवाई कर रहे न्यायधीश ने अभियोजक से कहा कि यदि अदालत अपराधों को संज्ञान में लेती है तो क्या एजेंसी दस्तावेजों के साथ तैयार है। इस पर चीमा ने कहा कि मामले में कुछ और जांच की आवश्यकता होगी और बाकी सभी कुछ तैयार है। जांच अधिकारी ने इस मामले से सम्बद्ध कुछ दस्तावेजों का एक संकलन भी प्रस्तुत किया।

अदालत ने गत 12 सितंबर को इस मामले को बंद करने की जल्दबाजी पर सवाल उठाये थे। उसके बाद सीबीआई ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए यह बात रखी है। सीबीआई ने इस मामले में कुमार मंगलम बिड़ला और पारख तथा अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

सीबीआई ने मामले में 21 अक्तूबर को संशोधित अंतिम क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। सीबीआई ने बिड़ला और पारख तथा अन्य के खिलाफ पिछले साल अक्तूबर में एफआईआर दाखिल की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि पारख ने कोयला ब्लॉक आवंटन के हिंडालकों के आवेदन को खारिज करने के कुछ ही महीनों बाद उस निर्णय को पलट कर ‘अनुचित पक्षपात किया ’ जब कि इसके लिये कोई वैध आधार अथवा परिस्थितियों में बदलाव नहीं हुआ था।

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