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मोदी की वापसी के बीच रॉबर्ट वाड्रा की बढ़ी मुश्किलें, जमानत खारिज करवाने दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची ईडी

दिल्ली की एक ट्रायल कोर्ट ने वाड्रा को इस मामले में 1 अप्रैल को जमानत दे दी थी। यह अर्जी ईडी अभियोजक डीपी सिंह द्वारा दायर की गई है।

रॉबर्ट वाड्रा। (फाइल फोटोः पीटीआई)

लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। बीजेपी को बहुमत प्राप्त हुआ है और नरेंद्र मोदी एकबार फिर देश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। लेकिन मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) वाड्रा की जमानत याचिका खारिज करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दायर की है।

दिल्ली की एक ट्रायल कोर्ट ने वाड्रा को इस मामले में 1 अप्रैल को जमानत दे दी थी। यह अर्जी ईडी अभियोजक डीपी सिंह द्वारा दायर की गई है। वाड्रा के अलावा उनके करीबी सहयोगी मनोज अरोड़ा को की भी अग्रिम जमानत याचिका को भी रद्द करने की बात कही गई है। बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा लंदन में प्रॉपर्टी खरीदने के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग केस का सामना कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस अर्जी पर सोमवार (27 मई 2019) को सुनवाई हो सकती है।

मालूम हो कि ट्रायल कोर्ट ने वाड्रा को जमानत देते वक्त आदेश दिया है कि जबतक मामले की जांच चल रही है तबतक बिना इजातत के देश से बाहर नहीं जा सकते। इसके साथ ही जब भी मामले की जांच के लिए ईडी अधिकारियों द्वारा उन्हें बुलाया जाए उन्हें उपस्थित होना होगा। और सबूतों के साथ छेड़छाड़ न नहीं करने की शर्त शामिल है।

बता दें कि वाड्रा ने अपनी जमानत अर्जी में कोर्ट के समक्ष कहा था कि उन्हें जबरन परेशान किया जा रहा है। राजनीतिक फायदे पाने के लिए उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि ईडी ने उनकी जमानत याचिका का यह कहकर विरोध किया था कि वह केस से जुड़े गवाहों को गुमराह कर सकते हैं।

ईडी ने इस पूरे केस में हथियार कारोबारी संजय भंडारी की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। एजेंसी ने कहा है कि वाड्रा द्वारा लंदन में खरीदी गई प्रॉपर्टी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत खरीदी गई थी जिसमें संजय भंडारी की भूमिका भी संदिग्ध है। ईडी का दावा है कि लंदन में एक फ्लैट संजय भंडारी ने 16 करोड़ 80 लाख रुपए में खरीदा था और वाड्रा के नियंत्रण वाली फर्म ने इसी कीमत पर भंडारी से इसे खरीदा था। भंडारी के खिलाफ ऑफिशल सीक्रेट ऐक्ट के तहत 2016 में मुकदमा दर्ज किया था।

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